Ranchi University VC, रांची (संजीव सिंह): रांची विश्वविद्यालय में लंबे समय से रिक्त चल रहे नियमित कुलपति के पद को आखिरकार भर दिया गया है. राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने प्रो. सरोज शर्मा के नाम पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है. प्रो. शर्मा वर्तमान में दिल्ली स्थित गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) के ‘यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ एजुकेशन’ में डीन के पद पर कार्यरत हैं. विश्वविद्यालय में नियमित कुलपति नहीं होने के कारण पिछले कई महीनों से शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिनमें अब तेजी आने की प्रबल संभावना है.
कौन हैं प्रो. सरोज शर्मा?
प्रो. सरोज शर्मा शिक्षा जगत का एक जाना-माना नाम हैं. उनके पास शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों का लगभग तीन दशकों से अधिक का अनुभव है. वे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) के अध्यक्ष (Chairperson) के रूप में दिसंबर 2020 से अक्टूबर 2024 तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने एमएससी बॉटनी, सॉशियोलॉजी में एमए की पढ़ाई पूरी की है. इसके साथ साथ वे एमएएड (M.Ed), एमबीए (MBA), एम फिल (M.Phil) और पीएचडी जैसी डिग्री भी हासिल कर चुकी हैं. उन्हें शिक्षक शिक्षा (Teacher Education), नीति निर्माण और गुणवत्ता आश्वासन (NAAC, UGC-TE) के क्षेत्र में महारत हासिल है. वे पूर्व में भारतीय शिक्षक शिक्षा संस्थान (IITE), अहमदाबाद की कुलपति भी रह चुकी हैं.
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राज्यपाल की सक्रियता और नियुक्ति का महत्व
रांची विश्वविद्यालय में पिछले कुछ समय से नियमित कुलपति नहीं होने के कारण छात्रों को डिग्री प्रमाणपत्रों, परीक्षा सत्रों में देरी और नामांकन जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था. हाल ही में छात्र संगठन (NSUI) ने राज्यपाल से मिलकर नियमित वीसी की नियुक्ति की मांग की थी, जिस पर राज्यपाल ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया था.
चुनौतियां और आगामी लक्ष्य
प्रो. सरोज शर्मा के सामने रांची विश्वविद्यालय के शिक्षा को सुधारना की सबसे बड़ी चुनौती होगी. सत्र 2022-26 और 2025-29 की लंबित परीक्षाओं का आयोजन, पीएचडी प्रवेश परीक्षाओं का निष्पादन और विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे का विकास उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है. उनके राष्ट्रीय स्तर के अनुभव का लाभ झारखंड के छात्रों को मिलने की पूरी संभावना है.
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