लॉकडाउन ‌उल्लंघन के सबसे अधिक मामले रांची में, सबसे ज्यादा गिरफ्तारी जमशेदपुर में

रांची : कोरोना वायरस से निबटने के लिए जारी लॉकडाउन के दौरान नियमों के उल्लंघन के आरोप में कुल 350 मामले दर्ज किये गये. लॉकडाउन का सबसे ज्यादा उल्लंघन करनेवालों में राजधानी रांची का नाम शामिल है. हालांकि इस मामले में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां जमशेदपुर में हुई. राज्य के पांच जिले ऐसे हैं, जहां प्राथमिकी […]

रांची : कोरोना वायरस से निबटने के लिए जारी लॉकडाउन के दौरान नियमों के उल्लंघन के आरोप में कुल 350 मामले दर्ज किये गये. लॉकडाउन का सबसे ज्यादा उल्लंघन करनेवालों में राजधानी रांची का नाम शामिल है. हालांकि इस मामले में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां जमशेदपुर में हुई. राज्य के पांच जिले ऐसे हैं, जहां प्राथमिकी तो दर्ज हुई, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई. लातेहार राज्य का एकमात्र एेसा जिला है, जहां लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में एक भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी. लॉकडाउन के उल्लंघन के मामले में राजधानी सहित औद्योगिक नगरी के लोग सबसे आगे रहे.

कोरोना वायरस से निबटने के लिए 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लागू था. 23 मार्च से लॉकडाउन जारी है. इस अवधि में धारा 144 भी लागू किया गया है. सरकार द्वारा बार-बार लॉकडाउन का उल्लंघन नहीं करने का अनुरोध करने के बावजूद इसका उल्लंघन हो रहा है. सरकार ने लॉकडाउन का उल्लंघन करनेवालों के खिलाफ अब तक कुल 350 मामले दर्ज किये हैं. इसमें 1700 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है. साथ ही अभियुक्त बनाये गये लोगों में से कुल 570 लोगों को गिरफ्तार किया गया. लॉकडाउन उल्लंघन के मामले में सबसे ज्यादा 83 प्राथमिकी रांची में दर्ज की गयी.

धनबाद दूसरे नंबर पर है. इस जिले में कुल 43 प्राथमिकी दर्ज की गयी. तीसरे नंबर पर गिरिडीह का नाम है. इस जिले में 36 प्राथमिकी दर्ज की गयी. औद्योगिक नगरी जमशेदपुर इस मामले में चौथे नंबर पर है. वहां 35 प्राथमिक दर्ज की गयी. हालांकि पूरा राज्य में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां जमशेदपुर में हुई.

लॉक उल्लंघन के मामले में जमशेदपुर में दर्ज मामलों में 369 लोगों को अभियुक्त बनाया गया. इसमें से 257 लोगों के गिरफ्तार किया गया. रांची में दर्ज 83 मामलों में कुल 294 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है. इसमें से 59 लोगों को गिरफ्तार किया गया. लॉकडाउन उल्लंघन और कार्रवाई का ब्योरा

जिला® प्राथमिकी® गिरफ्तारी® अभियुक्त

रांची 83® 59® 294

धनबाद®43®50®85

गिरिडीह®36®31®177

जमशेदपुर®35®257®369

बोकारो®25® 32®41

सिमडेगा®02®00®05

लोहरदगा®02®00®02

लातेहार®00®00®00

दुमका®02®00®04

पाकुड़®02®00®03

जामताड़ा®07®02®135

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लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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