राहुल गांधी को झारखंड हाइकोर्ट से मिली बड़ी राहत, निचली अदालत का फैसला निरस्त, जानें क्या है मामला

अधिवक्ता पीयूष चित्रेश व अधिवक्ता दीपांकर ने अदालत को बताया कि सीआरपीसी की धारा 205 के तहत व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना जरूरी नहीं है. इसके बाद उन्होंने अदालत के फैसले को निरस्त करने का आग्रह किया.

मोदी सरनेम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आरोपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी को झारखंड हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिल गयी है. हाइकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए निचली अदालत के आदेश को निरस्त कर दिया. साथ ही प्रार्थी राहुल गांधी को निचली अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट प्रदान की. व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश निरस्त होने के बाद अब प्रार्थी अधिवक्ता के माध्यम से निचली अदालत में उपस्थित हो सकेंगे.

इससे पूर्व उनकी ओर से अधिवक्ता पीयूष चित्रेश व अधिवक्ता दीपांकर ने पक्ष रखा. उन्होंने अदालत को बताया कि सीआरपीसी की धारा 205 के तहत व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना जरूरी नहीं है. अधिवक्ताओं ने निचली अदालत के आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया.

उल्लेखनीय है कि प्रार्थी राहुल गांदी ने क्रिमिनल क्वैशिंग याचिका दायर कर रांची की एमपी-एमएलए की विशेष अदालत के व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश को चुनौती दी थी. रांची निवासी प्रदीप मोदी ने मोदी सरनेम पर राहुल गांधी द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए शिकायतवाद दर्ज करायी थी. इसमें मानहानि करने का आरोप लगाया था.

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