सीआइपी में कार्यरत सफाईकर्मी बिरसा कच्छप के शव को मुख्य गेट पर रखकर ग्रामीणों ने सोमवार को धरना-प्रदर्शन किया. धरना में मृतक के परिजन व विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग शामिल थे. ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सीआइपी में नौकरी, न्यायिक जांच, दोषियों को गिरफ्तार करने समेत अन्य मांग को लेकर सुबह 10 बजे संस्थान के मुख्य गेट को बंद कर धरना पर बैठ गये. धरना का समर्थन कांके विधायक सुरेश बैठा, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश राम, लोकहित अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू, निशा भगत, जेएलकेएम के फूलेश्वर बैठा, देवेंद्र महतो, जिप सदस्य किरण देवी, सोमा उरांव सहित अन्य ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन दिया. विधायक सुरेश बैठा व भाजपा नेता कमलेश राम ने ग्रामीणों की तरफ से संस्थान के प्रशासकीय पदाधिकारी डाॅ सुनील सूर्यवंशी से वार्ता की. वार्ता के बाद आउटसोर्सिंग कंपनी मेसर्स धनंजय कुमार पटना ने 10 लाख रुपये मुआवजा, जिसमें तत्काल 2 लाख व तीन दिन के बाद बाकी रकम देने, मृतक की बहन का आउटसोर्सिंग कंपनी में नियुक्ति, मृतक की अनाथ बेटी त्रिशा कच्छप की शिक्षा, आउटसोर्सिंग कंपनी पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की घोषणा पत्र संस्थान ने जारी किया. बताते चलें कि रविवार को संस्थान के सफाईकर्मियों से पेड़ काटने का कार्य कराया जा रहा था. इसी दौरान पेड़ की बड़ी डाली बिरसा कच्छप के सीने पर गिर गया. जिससे उसकी मौत हो गयी. मृतक की पत्नी का भी निधन हो चुका है. वहीं उसकी एकमात्र नौ वर्षीय पुत्री अनाथ हो गयी. धरना शाम लगभग छह बजे समाप्त हुआ. समझौता के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए लेकर गये. मामले में मृतक के भाई प्रदीप कच्छप ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी. कांके थाना प्रभारी ने बताया जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.
मांगे पूरी होने पर आठ घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त
फोटो, शव के साथ प्रदर्शन करते ग्रामीण व मृतक परिवार के सदस्य.B
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