Ranchi DC, रांची (राज लक्ष्मी की रिपोर्ट): रांची जिला प्रशासन ने राजधानी के निजी स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसना शुरू कर दिया है. उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सोमवार को आर्यभट्ट सभागार में 272 स्कूलों के प्राचार्यों के साथ अहम बैठक की. डीसी ने पीटीए (Parent-Teacher Association) गठन में लापरवाही और महंगे एडमिशन फॉर्म पर कड़ी नाराजगी जाहिर की.
3 दिनों में दें PTA की जानकारी, वरना होगी कार्रवाई
समीक्षा के दौरान पाया गया कि केवल 13 स्कूलों ने ही पीटीए गठन की सूचना दी है. डीसी ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी स्कूलों को 3 दिनों के भीतर हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में जानकारी जमा करने का सख्त निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि परिवहन शुल्क (Transport Fee) बढ़ाने के लिए भी पीटीए की मंजूरी अब अनिवार्य होगी.
फीस और फॉर्म की कीमतों पर कड़ा रुख
डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि जो एडमिशन फॉर्म 100 से 200 रुपये में मिलना चाहिए, उसे 2000 से 3000 रुपये में बेचना गलत है. एक स्कूल द्वारा 25 हजार रुपये शुल्क लेने के मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं. साथ ही, सभी स्कूलों को पिछले 3 वर्षों के फीस स्ट्रक्चर का पूरा डेटा 20 अप्रैल तक सौंपना होगा. 21 अप्रैल को निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूलों के साथ अलग से बैठक कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा.
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छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या है जरूरी निर्देश
- सीबीएसई स्कूलों में केवल NCERT की किताबें ही अनिवार्य होंगी. किसी भी छात्र को प्राइवेट पब्लिशर्स की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता.
- यूनिफॉर्म में बदलाव कम से कम 5 साल के अंतराल पर ही होगा. छोटे बदलावों के नाम पर हर साल नई ड्रेस खरीदने का दबाव नहीं बनाया जा सकता.
- फीस बकाया होने के आधार पर किसी भी छात्र को परीक्षा से रोकना मानवाधिकार और बाल अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा.
अभिभावक और छात्र यहां करें शिकायत
अभिभावक अपनी शिकायतें व्हाट्सएप नंबर 9430328080 पर दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा समाहरणालय के कक्ष संख्या 105 में भी लिखित शिकायत दी जा सकती है.
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