वक्फ संशोधन कानून पर धमकी की भाषा बंद करे झामुमो, बोले प्रदीप वर्मा

Pradeep Verma on Waqf Amendment Act: भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सह राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी झामुमो पर बड़ा हमला बोला है. प्रदीप वर्मा ने कहा है कि वक्फ संशोधन कानून पर धमकी की भाषा बोलना बंद करे झामुमो. उन्होंने कहा कि झामुमो को यह स्पष्ट करना चाहिए कि झारखंड में देश का संविधान लागू होता है या पार्टी ने राज्य के लिए अलग से अपना कोई संविधान लागू कर दिया है. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने तुष्टिकरण के लिए वक्फ कानून को कमजोर कर दिया था.

Pradeep Verma on Waqf Amendment Act: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सांसद डॉक्टर प्रदीप वर्मा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महाधिवेशन से पहले वक्फ कानून का विरोध करने वाली सत्ताधारी पार्टी पर हमला बोला है. झामुमो महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान पर प्रदीप वर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि तुष्टिकरण की राजनीति में आकंठ डूब चुके झामुमो ने अपने आंख और कान बंद कर लिये हैं. अब वह जुबान से असंवैधानिक, असंसदीय और उकसाने वाले शब्द बोल रही है. उन्होंने कहा, ‘झामुमो बताये कि झारखंड में भारत का संविधान लागू होता है या झामुमो ने कोई अपना संविधान झारखंड के लिए बना दिया है.’

वक्फ कानून पर झामुमो का बयान राष्ट्रविरोधी, माफी मांगे पार्टी – प्रदीप वर्मा

प्रदीप वर्मा ने कहा कि संसद से पारित वक्फ संशोधन और महामहिम राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से बने कानून के संबंध में दिया गया झामुमो का बयान राष्ट्रविरोधी बयान है. इसके लिए झामुमो को माफी मांगनी चाहिए. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून से गरीब और वंचित मुस्लिम समाज को बड़ा लाभ मिलने वाला है.

कांग्रेस ने वोट बैंक के लिए वक्फ कानून को कर दिया था कमजोर- भाजपा

उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्ति से होने वाली आय को उनके विकास में खर्च करने के लिए संवैधानिक प्रावधानों को मजबूत किया गया है. कांग्रेस पार्टी ने वोट बैंक की खातिर इसे कमजोर कर दिया था. कांग्रेस पार्टी ने चंद लोगों को खुश करने की कोशिश की थी.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

गरीबों को लाभ पहुंचाने के लिए मोदी सरकार ने किया वक्फ कानून में संशोधन – वर्मा

भाजपा नेता ने कहा कि मोदी सरकार ने वक्फ की संपत्ति से गरीबों को लाभान्वित करने के लिए कानून बनाया है. तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले लोग इसका विरोध कर रहे हैं. प्रदीप वर्मा ने कहा कि इंडी गठबंधन ने तीन तलाक और सीएए के समय भी ऐसा ही भ्रम फैलाया था.

वक्फ संशोधन कानून ने आदिवासी जमीन को भी किया सुरक्षित – भाजपा

प्रदीप वर्मा ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून में आदिवासी जमीन को भी सुरक्षित किया गया है. इस कानून के तहत शेड्यूल 5 में आने वाली झारखंड की आदिवासी जमीनों को वक्फ की संपत्ति में शामिल नहीं किया जा सकेगा. इसका प्रावधान वक्फ कानून में किया गया है.

जनता जानती है झामुमो का दोहरा चरित्र – प्रदीप वर्मा

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आदिवासी समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मू बैठी हैं. उन्हें इसका महत्व पता है. वह जानती हैं कि आदिवासी समाज की जमीन की सुरक्षा के लिए यह संशोधन कितना जररी है. प्रदीप वर्मा ने कहा कि झामुमो आज विद्रोह वाली भाषा बोल रहा है. संसद में उनके सांसदों को बिल पर बोलने का पूरा मौका मिला था. उन्होंने कहा कि झामुमो का दोहरा चरित्र जनता जानती है.

इसे भी पढ़ें

13 अप्रैल को आपको कितने में मिलेगा 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें रेट

प्राइवेट स्कूलों को किया जा रहा बदनाम, बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ायें अधिकारी और कर्मचारी : पासवा

हेमंत सोरेन पर बाबूलाल मरांडी ने साधा निशाना, भुईंहारी जमीन में हेराफेरी पर कही बड़ी बात

बंगाल की खाड़ी में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और ट्रफ, झारखंड में वर्षा-वज्रपात का अलर्ट

हटिया-टाटानगर समेत 3 ट्रेनें रद्द, चोपन-रांची और आनंद विहार-हटिया एक्सप्रेस के रूट बदले

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >