Pink City Bus Ranchi: पिंक सिटी बस सेवा पड़ी फीकी, आम बसों में सफर करने को मजबूर महिलायें

Pink City Bus Ranchi: रांची में पिंक सिटी बस की कमी के कारण महिलायें आम बसों में सफर करने के लिए मजबूर हैं. इनमें भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है, जो उनके लिए काफी असहज होता है. यह स्थिति राजधानी में महिला सुरक्षा पर सवाल उठाती है.

Pink City Bus Ranchi: राजधानी रांची में सरकार ने महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पिंक सिटी बस की सेवा शुरु की. लेकिन इस सेवा का लाभ शहर की महिलाओं को ठीक से नहीं मिल पा रहा है. जानकारी के अनुसार, रांची में केवल 3 पिंक सिटी बस चल रही हैं. जबकि महिलाओं की संख्या ज्यादा है. ऐसे में महिलायें आवागमन के लिए भीड़-भाड़ वाले सामान्य सिटी बसों का उपयोग करने और असुरक्षित यात्रा करने के लिए मजबूर हैं. कई बार बसों में ज्यादा भीड़ होने पर महिलाओं को खड़े होकर लंबा सफर तय करना पड़ रहा है. इस दौरान पुरुषों के बीच खड़े होना उनके लिए काफी असहज हो जाता है.

शहर में चलती हैं केवल 3 पिंक सिटी बस

मालूम हो कि रांची शहर में कुल 41 सिटी बसों का परिचालन होता है. इनमें से 3 पिंक सिटी बस है, जो केवल महिलाओं के लिए हैं. ये कचहरी चौक से बिरसा चौक तक चलती हैं. इनमें पहले से ही यात्रियों की भीड़ होती है. ऐसी स्थिति बमुश्किल महिलाओं को जगह मिल पाती है. भीड़ अधिक होने के कारण महिलाओं को न चाहते हुए भी धक्का-मुक्की के बीच खड़े होकर सफर करना होता है. यह स्थिति उनकी सुरक्षा के दृष्टिकोण से काफी चिंताजनक है.

झारखंड की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पुरुषों के बीच खड़े होकर सफर करने को मजबूर

इस संबंध में बस में सफर करने वाली महिलाओं ने कहा कि मजबूरी में भीड़ वाली आम बसों में चढ़ना पड़ता है. भीड़ होने पर पुरुषों के बीच खड़े होकर सफर करना पड़ता है, जो असहज लगता है. उन्होंने जानकारी दी कि बस स्टैंड पर पिंक बस का कोई निश्चित समय नहीं है. ऐसे में पता भी नहीं चल पाता कि बस आयेगी या नहीं. ऐसे में उन्हें ऑटो या फिर अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ता है, जो उनकी जेब के लिए अनुकूल नहीं होता.

मंईयां योजना के पोस्टर से होता है कंफ्यूजन

इधर, रांची में चलने वाली लगभग सभी सिटी बसों में मंईयां सम्मान योजना के पोस्टर लगे हुए हैं. इस वजह से सभी सिटी बसें एक जैसी ही दिखायी देती हैं. ऐसे में महिलाओं के लिए आम सिटी बसों और पिंक सिटी बस में फर्क करना मुश्किल हो जाता है.

इसे भी पढ़ें

Bokaro Mob Lynching: स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने की पेंक के पीड़ित परिवार से मुलाकात, कहा- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

Jharkhand Village: झारखंड का अनोखा गांव, जहां ‘सोलह आना कमेटी’ की ताकत जान रह जाएंगे दंग

पूर्व नक्सली कुंदन पाहन बरी, 5.17 करोड़ कैश और 1.5 किलो सोना लूटकांड में रांची की अदालत ने सुनाया फैसला

 Dream 11 : झारखंड के एक दर्जी की बदली किस्मत, महज 49 रुपए से रातोंरात बन गया करोड़पति

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rupali Das

नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >