सदर अस्पताल के डायलिसिस वार्ड में नहीं होगी पानी की कमी
सदर अस्पताल के डायलिसिस वार्ड में मरीजों को इस बार जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा.
रांची (वरीय संवाददाता). सदर अस्पताल के डायलिसिस वार्ड में मरीजों को इस बार जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा. अस्पताल प्रबंधन ने छठे तल्ले पर स्थित सुपरस्पेशियलिटी वार्ड में उचित प्रबंधन कर किडनी मरीजों की परेशानी काफी हद तक समाप्त कर दी है. निगम द्वारा अलग से वाटर कनेक्शन लिया गया है. इसके बाद अस्पताल परिसर को इस बार पंप से पानी की निर्भरता का विकल्प मिल गया है. गर्मी के पहले वॉटर फिल्टर सहित अन्य उपकरणों का मेंटेनेंस कार्य पूरा कर लिया गया है. एक का मेंटेनेंस करना अभी बाकी है, जिसे भी जल्द पूरा कर लिया जायेगा.
डायलिसिस के लिए अलग से वाटर टैंक मिला
वार्ड में डायलिसिस के लिए अलग से वाटर टैंक की व्यवस्था है, जो मूल पानी की टंकी से अलग है. आपको बता दें कि पिछले साल अत्यधिक गर्मी के चलते परिसर में जलस्तर नीचे जाने से अस्पताल में लगे पांच में से तीन सबमर्सिबल्स वाटर मोटर से पानी आना बंद हो गया था. पिछली बार यहां पानी उपलब्ध कराने के चलते अन्य वार्डों में पानी का संकट उत्पन्न हो गया था.
एक मरीज को 150 लीटर पानी की जरूरत
सदर अस्पताल के डायलिसिस वार्ड में हर माह औसतन 500 मरीजों की डायलिसिस होती है. किडनी के एक मरीज को एक बार में औसतन 150 से 200 लीटर पानी की जरूरत पड़ती है. पीपीपी मोड पर संचालित डायलिसिस सेंटर में तीन शिफ्टों में आठ मशीनों पर मरीजों की डायलिसिस होती है. इसमें एक मरीज पर तीन से चार घंटे का वक्त लगता है. एक घंटा मशीन को साफ करने में लगता है. सामान्य डायलिसिस सप्ताह में तीन बार की जाती है.