Coronavirus से अब तक सुरक्षित है झारखंड, विदेश से आये लोगों में नहीं मिले बीमारी के लक्षण

No Coronavirus in Jharkhand All Reports Are Negative. झारखंड (Jharkhand) के लोगों को कोरोना वायरस (Coronavirus) से घबराने की जरूरत नहीं है. सिर्फ सचेत रहें. अब तक यह प्रदेश इस जानलेवा बीमारी के विषाणु से मुक्त है.

रांची : झारखंड के लोगों को कोरोना वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है. सिर्फ सचेत रहें. अब तक यह प्रदेश इस जानलेवा बीमारी के विषाणु से मुक्त है. दुनिया के अलग-अलग देशों से झारखंड आये जिन संदिग्ध लोगों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया था, उनके ब्लड सैंपल की रिपोर्ट आ गयी है. किसी के सैंपल में कोरोना वायरस नहीं मिला है. हालांकि, सभी को सतर्क रहने की जरूरत है. कोरोना के लक्षण पाये जाने पर तत्काल सरकारी अस्पताल में जायें और डॉक्टर से परामर्श लें.

इंडोनेशिया से लौटे रांची के नवदंपती और पलामू के युवक की रिपोर्ट शुक्रवार को ही आ गयी थी. दोनों की रिपोर्ट में कहा गया था कि इनमें कोरोना के विषाणु नहीं पाये गये हैं. धनबाद के युवक की भी रिपोर्ट निगेटिव मिली. यानी झारखंड के किसी भी संदिग्ध में कोरोना के विषाणु नहीं मिले.

उल्लेखनीय है कि चीन, बहरीन और इंडोनेशिया से रांची पहुंचे चार लोगों को रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में भर्ती कराया गया था. ब्लड सैंपल की रिपोर्ट कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कॉलरा एंड इंटरिक डिजीज (NCIED) से रिम्स आयी. इन सभी को माइक्रोबायोलॉजी विभाग व डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया था.

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि चीन से दुनिया भर में फैले कोरोना के विषाणु ने 3,497 लोगों की जान ले ली. इस जानलेवा वायरस से अब भी दुनिया भर के 1,02,237 लोग पीड़ित हैं. इसलिए भारत सरकार ने विदेशों से आने वाले लोगों की एयरपोर्ट पर पूरी स्क्रीनिंग हो रही है. दूसरे देश से सटती सीमा चौकियों पर भी लोगों की सघन जांच की जा रही है. कोरोना का कोई भी लक्षण मिलते ही उसे आइसोलेशन में रखा जा रहा है. जैसे ही झारखंड में कुछ लोगों को रिम्स भेजे जाने की खबर फैली, लोगों में हड़कंप मच गया था. अब जबकि सभी की जांच रिपोर्ट आ गयी है और किसी में इसके लक्षण नहीं मिले हैं, तो लोगों ने राहत की सांस ली है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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