प्राकृतिक तत्वों से तैयार सिंथेटिक पदार्थ दूर करेगा ऑस्टियोपोरोसिस

बीआइटी मेसरा में शुक्रवार को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई.

रांची. बीआइटी मेसरा में शुक्रवार को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई. इस दौरान विषय : ””रिसेंट ट्रेंडस इन इंजीनियरिंग एंड साइंस – 2024”” पर विचार-विमर्श किया गया. सीडीआरआइ लखनऊ के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ दिव्या सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुई. डॉ दिव्या सिंह ने महिलाओं में होने वाली ऑस्टियोपेरोसिस यानी हड्डी में मौजूद मिनरल्स की कमी से होने वाली बीमारी समेत अन्य हड्डी रोग पर चर्चा की. साथ ही समस्याओं के निदान के लिए प्राकृतिक तत्वों से तैयार किये गये सिंथेटिक पदार्थ सीडीआरआइ-1500 और सीडीआरआइ-399 पर अपना अध्ययन साझा किया. बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या उन महिलाओं में ज्यादातर होती है, जिन्हें एक वर्ष से अधिक मासिक धर्म नहीं हुआ हो. इन महिलाओं में हड्डियों की समस्याएं तैयार हो जाती हैं. साथ ही एलोपैथी दवाओं के विभिन्न दुष्प्रभावों से बीमारी को बढ़ावा मिलता है. उन्होंने बीमारी को ठीक करने के उद्देश्य से प्राकृतिक विकल्पों की तलाश की आवश्यकता और प्राकृतिक रूप से तैयार किये गये सिंथेटिक पदार्थ से निर्मित दवाओं के भविष्य पर अपने विचार साझा किये. दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के रिसर्च संस्थानों से 125 से अधिक शोध पत्र साझा किये जायेंगे. पहले दिन आयोजित तकनीकी सत्र में शोधार्थियों ने औषधि वितरण प्रणाली, डाटा सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग के साथ मटेरियल इंजीनियरिंग, हाइड्रो-जियोकेमिकल के प्रभाव से शारीरिक लक्षण, भूजल गुणवत्ता के मूल्यांकन और प्रतिकार जैसे विषयों पर चर्चा की. सम्मेलन में मुख्य रूप से संकाय मामलों के डीन प्रो अशोक शरण, डीन डॉ भास्कर कर्ण, कार्यक्रम संयोजक डॉ ऋचा पांडेय, डॉ दिलीप कुमार सिंह, राजभाषा प्रकोष्ठ के अधिकारी डॉ अमित तिवारी, डॉ पियुष तिवारी समेत अन्य मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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