विशेष संवाददाता (रांची). टाटा स्टील के चीफ कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन सर्वेश कुमार ने कहा कि कंपनी राज्य सरकार के आदेश का पूर्णत: पालन करती है. टाटा स्टील के झारखंड में जितने भी कर्मचारी हैं, उनमें 75 प्रतिशत से अधिक यहां के स्थानीय हैं. गौरतलब है कि राज्य सरकार निजी कंपनियों के लिए विधेयक लायी है कि उनके यहां काम करनेवाले 75 प्रतिशत कर्मी स्थानीय होने चाहिए. सर्वेश कुमार होटल बीएनआर में पत्रकारों के साथ संवाद कर रहे थे. सर्वेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2030 तक टाटा स्टील अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा कर 40 एमटी तक करेगा. वर्तमान में कंपनी के भारत स्थित प्लांट से 22 एमटी स्टील का उत्पादन हो रहा है.
2025 तक कंपनी के 20% कर्मी महिला व ट्रांसजेंडर होंगे
सर्वेश कुमार ने बताया कि टाटा स्टील में अभी 80 ट्रांसजेंडर या एलजीबीटीक्यू समुदाय के कर्मी हैं. महिला कर्मियों की संख्या भी अधिक है. वर्तमान में महिलाएं हेवी व्हीकल और भारी मशीनें भी चला रही हैं. 2025 तक कंपनी के 20 प्रतिशत कर्मी महिला और ट्रांसजेंडर होंगे.
रांची टीएमएच आयुष्मान से जुड़ा
संवाद के दौरान टाटा स्टील के सीआरइ संजय मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि रांची स्थित टीएमएच अब कैंसर रोगियों के लिए अग्रणी संस्थान बनता जा रहा है. यह संस्थान आयुष्मान भारत व मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना में शामिल हो गया है.
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