पिपरवार. संयुक्त मोर्चा द्वारा चार लेबर कोड कानून के खिलाफ गुरुवार को आहूत देशव्यापी हड़ताल का पिपरवार में मिलाजुला असर रहा. हड़ताल के दौरान सभी पालियों में औसतन 65 प्रतिशत मजदूरों की उपस्थिति रही. अशोक परियोजना खदान में आम दिनो की तरह उत्पादन व कोयला ढुलाई जारी रहा. प्रथम पाली में 75 में से 60 व सामान्य पाली में 185 में से 108 मजदूरों ने हाजिरी बनायी. पिपरवार यूनिट में प्रथम पाली में 221 में से 80 व सामान्य पाली में 82 में से 44 मजदूर कार्यस्थल पर उपस्थित रहे. सीएचपी परियोजना में 90 प्रतिशत मजदूरों की उपस्थिति रही. हड़ताल समर्थकों द्वारा राजधर साइडिंग व सीएचपी लोडिंग प्वाइंट पर हंगामा करने से दो घंटे तक कामकाज प्रभावित हुआ. सीएचपी लोडिंग प्वांइट पर हड़ताल समर्थकों द्वारा पत्थरबाजी करने से जय अंबे रोड लाइन के दो पेलोडर चोटिल हो गये. जानकारी के अनुसार राजधर साइडिंग से दो व बचरा साइडिंग से दो रैक कोयला डिस्पैच किया गया. बैंक-पोस्ट ऑफिस बंद रहे. लेकिन बाजार, दुकाने, पेट्रोल पंप खुले रहे. आम दिनो की तरह यात्री बसों का परिचालन हुआ. जानकारी के अनुसार गुरुवार को सुबह हड़ताल समर्थक यूनियन के कुछ नेता बचरा चार नंबर चौक पर जुट कर नारेबाजी की. वहीं, कुछ लोग मोटरसाइकिलों में सीसीएल के कार्यस्थलों पर जा कर बंद कराने पहुंचे. इस संबंध में अशोक पीओ जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कुछ मजदूर हड़ताल में अवश्य रहे, लेकिन खदान में कोयला उत्पादन व ढुलाई आम दिनो की तरह सामान्य रही. जानकारी के अनुसार हड़ताल को लेकर सभी परियोजनाओं में कंट्रोल रूम बनाया गया था. पल-पल की खबरें मुख्यालय भेजी जा रही थी. सीएचपी परियोजना में पत्थरबाजी की घटना को छोड़ कर अन्य कहीं से अप्रिय समाचार मिलने की सूचना नहीं है.
पिपरवार में हड़ताल का मिलाजुला असर, 65 प्रतिशत मजदूर काम पर रहे उपस्थित
संयुक्त मोर्चा द्वारा चार लेबर कोड कानून के खिलाफ गुरुवार को आहूत देशव्यापी हड़ताल का पिपरवार में मिलाजुला असर रहा.
