जेटेट नियमावली पर फैसला टला, भोजपुरी, मगही और अंगिका शामिल करने की मांग पर विरोध

Ranchi News: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) नियमावली को कैबिनेट से स्वीकृति नहीं मिल सकी. भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषा को शामिल करने की मांग पर मंत्रियों की आपत्ति के बाद फैसला टल गया है. इससे जुड़ी पूरी खबर नीचे पढ़ें.

रांची से सुनील झा की रिपोर्ट 

Ranchi News: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) की नियमावली को बुधवार को कैबिनेट से स्वीकृति नहीं मिल सकी. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बैठक में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने नियमावली में वर्ष 2012 के अनुरूप भाषाओं को शामिल करने की मांग की. पलामू में भोजपुरी व मगही और संताल परगना में अंगिका भाषा को शामिल करने की मांग की. दोनों मंत्री ने कैबिनेट में नियमावली में इन भाषाओं को शामिल करने की मांग रखी. इसके बाद नियमावली पर फैसला टाल दिया गया. अब इस पर आगे निर्णय लिया जाएगा.

क्या है मामला?

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली तैयार की गई है. नियमावली में जिलावार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा का प्रावधान है. अभ्यर्थी के लिए इसमें से एक भाषा का चयन करना और  परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है.

कैबिनेट की स्वीकृति की उम्मीद में शुरू हुई है प्रक्रिया

राज्य में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो गई है. कैबिनेट की स्वीकृति के उम्मीद में झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी किया गया है. परीक्षा के लिए 28 अप्रैल से आवेदन जमा लिया जाना है.

10 वर्षों से नहीं हुई है जेटेट

राज्य में 10 वर्षों से झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं हुई है. राज्य में लगभग चार लाख से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में अगर 28 अप्रैल से पहले नियमावली को स्वीकृति नहीं मिली तो आवेदन जमा करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाएगी. 

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लेखक के बारे में

By Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर के लाइफस्टाइल बीट पर 1 साल से काम कर रही हैं. यहां वे हेल्थ, फैशन और भी ट्रेंड से जुड़ी आर्टिकल लिखती हैं. ये हर लेख को दिल से लिखती है, जो पाठकों को सिर्फ जानकारी नहीं, एक एहसास पहुंचा सकें.

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