JPSC Students protest:10 अगस्त को प्रस्तावित छात्रों के विधानसभा घेराव से पहले रांची में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने बैरिकेड्स पर लगाई गई कंटीली तारों की तस्वीर साझा करते हुए सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए.
'यह इंटरनेशनल बॉर्डर नहीं, रांची है'
चंपाई सोरेन ने लिखा कि कंटीली तारों से भरा यह कोई इंटरनेशनल बॉर्डर नहीं, बल्कि रांची का नजारा है, जहां छात्रों के आंदोलन को रोकने के लिए बैरिकेड्स के ऊपर कंटीली तारें लगाई गई हैं. उन्होंने इसे सरकार की तानाशाही और क्रूरता करार देते हुए सवाल किया कि अपना हक मांग रहे युवाओं के खिलाफ सरकार इतनी सख्ती क्यों कर रही है.
छात्रों की सुरक्षा पर उठाया सवाल
चंपाई सोरेन ने कहा कि अगर इन कंटीली तारों से कोई छात्र घायल होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. उन्होंने सरकार से पूछा कि लोकतंत्र में कोई सरकार इतनी क्रूर कैसे हो सकती है. माना जा रहा है कि यह टिप्पणी 10 अगस्त को होने वाले छात्रों के विधानसभा घेराव से पहले सरकार की सुरक्षा तैयारियों के विरोध में की गई है.
