झारखंड में निजी कंपनियों में स्थानीय लोगों की नियुक्ति का मामला अधर में है. विधानसभा से विधेयक पारित होने के बाद 12 सितंबर 2022 को इस नये कानून की अधिसूचना हो गयी थी. पिछले सत्र में श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने सदन को बताया था कि अब तक 404 नियोक्ताओं (कंपनियों) ने निबंधन कराया है. इस कानून के तहत कंपनियों को 40 हजार से कम वेतन वाले पदों पर स्थानीय युवाओं को ही नौकरी देनी है. इसके लिए निबंधन जरूरी है.
मंत्री ने विधायक प्रदीप यादव व सुदिव्य कुमार सोनू के सवालों के जवाब में बताया था कि विभाग इस काम को युद्ध स्तर पर कर रहा है. वर्ष 2021 में स्थानीय लोगों के निजी कंपनियों में नियोजन को लेकर बिल पारित हुआ, इसके बाद विभाग ने नियमावली बनायी थी. इसके लिए विभाग को पोर्टल तैयार करना था, जिसमें स्थानीय उम्मीदवारों को अपना भी निबंधन कराना था.
मंत्री ने भी सदन में माना था कि इसके लिए पोर्टल होना जरूरी है़ मंत्री के अनुसार, काम जैप पोर्टल को दिया गया है. सदन को बताया गया कि डीपीआर तैयार कर लिया गया है़ मंत्री ने कहा कि इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनायी जायेगी. इधर विभागीय जानकारी के अनुसार, पोर्टल का काम पूरा होना के बाद ही नियोक्ता और नियोजन के इच्छुक उम्मीदवारों का नियोजन हो पायेगा.
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जिला स्तर पर होनी है मॉनिटरिंग
सरकार की नयी नीति के अनुसार, जिला स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग होनी है. नियोजनालयों की जिम्मेवारी है कि ज्यादा से ज्यादा स्थानीय लोगों का निबंधन हो़ उपायुक्त के स्तर पर इसे लागू कराने के लिए मॉनिटरिंग की व्यवस्था है. जिला स्तर पर जनप्रतिनियों के साथ-साथ अधिकारियों की कमेटी इसकी समीक्षा करेगी.
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