झारखंड : 24 घंटे झमाझम बारिश से बांधों का जलस्तर बढ़ा, नदियां उफान पर, 4 की मौत

Jharkhand Weather Update: झारखंड में 24 घंटे तक हुई झमाझम बारिश की वजह से बांधों का जलस्तर बढ़ गया है. नदियां उफान पर हैं. 4 लोगों की मौत हो गई है.

Jharkhand Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव का केंद्र रविवार-सोमवार को मध्य झारखंड में रहा. झारखंड के कई शहरों में रविवार रात से सोमवार देर रात तक लगातार हुई जबरदस्त बारिश हुई. सबसे अधिक बारिश झारखंड के उत्तर और मध्य हिस्से में हुई. इस दौरान जानमाल के नुकसान की भी सूचना है.

पलामू, गढ़वा और गुमला में 4 लोगों की मौत

पलामू में 2, जबकि गढ़वा और गुमला में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गयी. वहीं, गढ़वा में तिलदाग-बेलचंपा मार्ग पर मेढ़ना के पास दानरो नदी पर बना पुल धंस गया है. इधर, रांची-पतरातू मार्ग में विशाल पेड़ गिर गया, जिससे इस मार्ग पर वाहनों का अवागमन बंद हो गया है.

24 घंटे की बारिश से झारखंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त

झारखंड में 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. कई बांधों का जलस्तर बढ़ गया. कई डैम खतरे के निशान से ऊपर बहने लगे, जिससे उनके फाटक खोलने पड़े. पतरातू डैम के पांच गेट खोल दिये गये हैं, जबकि गालूडीह बराज के सात गेट खोले गये हैं. स्वर्णरेखा परियोजना के तटवर्ती इलाके के गांव में रहनेवालों को अलर्ट पर रखा गया है.

  • स्वर्णरेखा परियोजना के तटवर्ती इलाके के गांव में रहनेवालों को अलर्ट पर रखा गया
  • पतरातू डैम खतरे के निशान से ऊपर, इसके पांच व गालूडीह बराज के सात गेट खोले गये
  • गढ़वा में तिलदाग-बेलचंपा मार्ग पर मेढ़ना के पास दानरो नदी पर बना पुल धंस गया
  • राजधानी रांची में भी दिन भर हुई बारिश के कारण निचले इलाकों में घुस गया पानी
  • जमशेदपुर में खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर, स्वर्णरेखा इसके करीब पहुंची

रांची के निचले इलाकों में पानी घुसा

राजधानी रांची में भी दिन भर हुई बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी घुस गया. लगातार बारिश के कारण राजधानी के कई हिस्सों में बिजली भी गुल रही. उधर, जमशेदपुर में 3 दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार को खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी. स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है.

जानमाल का भी हुआ नुकसान

गढ़वा स्थित रंका प्रखंड के सेवाडीह नाला में बह जाने से पारा शिक्षक मनोज कुमार सिंह उर्फ मोहर सिंह (51) की मौत हो गयी. वहीं, गुमला के पालकोट थाना क्षेत्र के नाथपुर पंचायत के तिलैडीह गांव निवासी सेरनिस टोप्पो (50) की तोरपा नदी में डूबने से मौत हो गयी.

पलामू में 2 लोगों की नदी में डूबने से मौत

पलामू के छतरपुर थाना क्षेत्र के मुरुमदाग पंचायत के शाही गांव के करमदयाल सिंह (50 ) की नदी में डूबने से मौत हो गयी. वह मवेशियोंं को चरने के लिए जंगल से छोड़कर घर लौट रहे थे. छतरपुर थाना क्षेत्र के ही अरर गांव के सतघरवा टोला के कोरल उरांव की(35) मौत करम डाली बहाने के दौरान अरर नदी में डूबने से हो गयी.

32 मिमी बारिश दर्ज की गयी है राजधानी में

सोमवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक राजधानी के शहरी इलाकों में करीब 32 मिमी बारिश हुई. इसके अतिरिक्त जमशेदपुर में 30, बोकारो में 25 तथा चाईबासा में 29 मिमी के आसपास बारिश हुई. गिरिडीह में 70 मिमी के आसपास बारिश दर्ज की गयी है.

आज शाम से राहत की उम्मीद

मौसम विज्ञान केंद्र का पूर्वानुमान है कि निम्न दबाव का असर 17 सितंबर को झारखंड के उत्तर और पश्चिमी हिस्से में होगा. इससे पलामू के आसपास के जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. इसको लेकर मौसम केंद्र ने अलर्ट जारी किया है. मध्य हिस्सों में भी 17 सितंबर को दोपहर तक असर रहेगा. शाम में इसका असर कम हो सकता है. 18 सितंबर के बाद मौसम के सामान्य होने का अनुमान मौसम केंद्र ने किया है. इससे कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है.

यह बारिश पूरे राज्य में हो रही है. हवा की गति 40 से 50 किमी के आसपास है. कहीं-कहीं 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी हवा चल रही है. गढ़वा और पलामू में 17 सितंबर को कई स्थानों पर अच्छी बारिश हो सकती है. चतरा और लातेहार में भी भारी बारिश हो सकती है. अन्य इलाकों में हल्की बारिश होने का अनुमान है. अभी एक-दो दिन मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है. 18 सितंबर से मौसम सामान्य हो जायेगा.

अभिषेक आनंद, प्रभारी निदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र, रांची

झारखंड में कहां-कितनी वर्षा हुई

क्रमजगह का नामवर्षापात
1.टंडवा163 मिलीमीटर
2.लावालौंग143 मिलीमीटर
3.सिमरिया142 मिलीमीटर
4.मैथन140 मिलीमीटर
5.गुड़ाबांदा121 मिलीमीटर
6.गोविंदपुर118 मिलीमीटर
7.सिंदरी112 मिलीमीटर
8.पुटकी112 मिलीमीटर
9.चंद्रपुरा112 मिलीमीटर
10.चंदनकियारी110 मिलीमीटर
11.पंचेत107 मिलीमीटर
12.घाटशिला106 मिलीमीटर
13.लातेहार106 मिलीमीटर
14.मुसाबनी104 मिलीमीटर
15.पोटका104 मिलीमीटर
16.चाकुलिया102 मिलीमीटर
17.करमाटांड़102 मिलीमीटर
18.जमशेदपुर100 मिलीमीटर
19.धालभूमगढ़98 मिलीमीटर
20.परसाबाद98 मिलीमीटर
21.जामताड़ा92 मिलीमीटर
22.पुटकी91 मिलीमीटर
23.कोडरमा85 मिलीमीटर
24.कांके (रांची)85 मिलीमीटर
25.हजारीबाग83 मिलीमीटर

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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