जनजातीय भाषाओं को बढ़ावा देने की तैयारी में झारखंड सरकार, इन 5 भाषाओं में भी छपेंगी किताबें

झारखंड के सरकारी स्कूलों में अब जनजातीय भाषाओं में भी किताबों की पढ़ाई होगी. फिलहाल ये 5 भाषाओं में ही उपलब्ध होगा और इसकी प्रकिया वर्तमान शैक्षनिक सत्र में ही शुरू हो जायेगी.

रांची : राज्य में सरकारी विद्यालय के बच्चों को जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा की किताब उपलब्ध करायी जायेगी. राज्य में फिलहाल कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए संताली भाषा में किताब की छपाई होती है. इसके अलावा हो, कुड़ुख, खड़िया एवं मुंडारी भाषा में कक्षा एक व दो के बच्चों को किताब दी जाती है. अब इन चार भाषाओं की किताब कक्षा तीन से पांच के लिए भी तैयार की जायेगी. इसकी प्रक्रिया वर्तमान शैक्षणिक सत्र में शुरू होगी.

किताब तैयार करने के लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमेटी गठित की जायेगी. अगले शैक्षणिक सत्र से इन भाषाओं में भी कक्षा तीन से पांच तक की किताब की छपाई शुरू करने की तैयारी है. नयी शिक्षा नीति में भी कक्षा पांच तक की पढ़ाई मातृभाषा में कराने की बात कही गयी है. प्राथमिक कक्षा की पढ़ाई मातृभाषा में हाेने से बच्चे जल्दी सीखते हैं.

Posted by : Sameer Oraon 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >