झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने टीएसी पर कही बड़ी बात, बोले- मूल भावना नहीं की जा सकती नष्ट

झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने टीएसी मामले पर बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा है कि ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी) में गवर्नर की भूमिका समाप्त करने की जानकारी मिली है. इससे संबंधित कोई फाइल हमारे पास नहीं आयी है.

रांची : झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने कहा है कि 20 साल में झारखंड का विकास नहीं होना दुख की बात है. मैं जब यहां आया, तो देखा कि विकास का कोई विजन नहीं दिख रहा है. राज्य सरकार द्वारा ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी) में गवर्नर की भूमिका समाप्त करने की जानकारी मिली है. इससे संबंधित कोई फाइल हमारे पास नहीं आयी है.

जो सूचना मिली है, उस आधार पर कानूनी सलाह ले रहे हैं. कोई भी विधानसभा बिल पास कर सकती है, लेकिन मूल भावना नष्ट नहीं कर सकती है. राज्यपाल मंगलवार को राजभवन में पत्रकारों से बात कर रहे थे. राज्यपाल ने कहा कि टीएसी मामले में अगर छत्तीसगढ़ का हवाला लिया जा रहा है, तो किसी ने सरकार को गलत जानकारी दी है. वहां गवर्नर का पावर समाप्त नहीं किया गया है. पूर्व की राज्यपाल के पास भी टीएसी की फाइल नहीं भेजी गयी थी, बल्कि राज्यपाल ने फाइल देखने के लिए मंगायी थी, जिसे उसी समय वापस कर दिया गया था. राज्यपाल ने कहा कि सरना धर्म कोड का मामला उनके पास अब तक आया ही नहीं है.

सरकार को करेंगे सहयोग :

राज्यपाल ने कहा कि वह रोज अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य की जानकारी हासिल कर रहे हैं. जो भी सकारात्मक सुझाव होंगे, सरकार को देंगे. अब सरकार पर निर्भर है कि वह इसे किस रूप में लेगी. यह पूछे जाने पर कि क्या यहां भी इससे पश्चिम बंगाल वाली स्थिति पैदा नहीं हो जायेगी? राज्यपाल ने कहा वह टकराव की स्थिति नहीं लाना चाहते. सरकार को सहयोग करना चाहते हैं.उन्हें कोई इगो प्रोब्लम नहीं है. सरकार को सुझाव देना मेरा काम है. राज्य के मुख्यमंत्री युवा हैं और वह भी राज्य का विकास चाहते हैं. इस दिशा में कार्य भी कर रहे हैं.

राजधानी की ट्रैफिक समस्या का निदान जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि राजधानी में 20 साल से ट्रैफिक व्यवस्था नहीं सुधरी है, यह चिंता की बात है. अधिकारियों को सर्वे कराना चाहिए. जाम से बचने के लिए विकल्प ढूंढ़ना जरूरी है. रांची-टाटा नेशनल हाइवे अब तक पूरा नहीं होने के कारणों का पता लगायेंगे.

विवि में 40 फीसदी ही िशक्षक और कर्मचारी चिंता की बात

राज्यपाल ने कहा कि यह चिंता की बात है कि विवि में 40 प्रतिशत शिक्षक व कर्मचारियों के भरोसे काम चल रहा है. यह सही ह��� कि झारखंड के कई बच्चे आइएएस बने, लेकिन उन सबने बाहर पढ़कर सफलता हासिल की. झारखंड में शैक्षणिक संस्थानों को भी इस काबिल बनाना होगा.

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By Prabhat khabar news desk

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