झारखंड: सदन के पहले दिन की आंखों-देखी, पहली बार सत्तापक्ष ने ही राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन का किया विरोध

झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने ईडी के खिलाफ नारेबाजी की और राज्यपाल का विरोध किया. कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि ईडी का दुरुपायेग कर हेमंत सोरेन को पद से हटाया गया है.

रांची, आनंद मोहन: सदन के पहले दिन पहली बार सत्तापक्ष ने ही राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन का विरोध किया. झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने ईडी के खिलाफ नारेबाजी की और राज्यपाल का विरोध किया. कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि ईडी का दुरुपायेग कर हेमंत सोरेन को पद से हटाया गया है. पूर्व सीएम हेमंत सोरेन सफेद कुर्ता-पायजामा और गले में सफेद पारंपरिक झारखंडी गमछा पहने फ्लोर टेस्ट में वोटिंग के लिए सदन में पहुंचे थे.

आंखों-देखी: ऐसा था सदन का नजारा

-11.14 बजे पूर्व झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सदन पहुंचते हैं. सफेद कुर्ता-पायजामा और गले में सफेद पारंपरिक झारखंडी गमछा.

-पूर्व मुख्यमंत्री सदन पहुंचे और सदन नारेबाजी से गूंज उठा. सत्ता पक्ष के सभी विधायकों ने अपनी-अपनी सीट से उठकर हेमंत सोरेन का स्वागत किया. हेमंत सोरेन जिंदाबाद, हेमंत सोरेन तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं. जेल का फाटक टूटेगा, हेमंत सोरेन छूटेगा जैसे नारे लगते रहे.

-हेमंत सोरेन ने सदन में घुसते ही हाथ लहराया. पक्ष-विपक्ष के नेताओं को उनकी सीट तक जाकर अभिवादन किया.

-इसके बाद स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने राज्यपाल के अभिभाषण की सूचना सदन को दी.

-राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सत्ता पक्ष ने ईडी के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी. सदन में पहली बार था कि सत्ता पक्ष ने ही राज्यपाल का विरोध किया.

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आंखों-देखी: ऐसा था सदन का नजारा

-राज्यपाल अभिभाषण कर रहे थे. उधर, प्रदीप यादव ने कहा कि ईडी का दुरुपायेग कर हेमंत सोरेन को हटाया गया है.

-सदन में सत्ता पक्ष के 47 विधायक मौजदू थे, वहीं विपक्ष में 29 विधायक, सरयू राय वोटिंग के दौरान बैठे रहे. वह तटस्थ रहे.

-सदन में अभिभाषण चल रहा था, सत्ता पक्ष ईडी के खिलाफ अड़ा था.

-चंपाई सोरेन ने 12.06 बजे विश्वास प्रस्ताव रखा और अपना भाषण शुरू किया.

-चंपाई सोरेन ने अपने भाषण में एक दर्जन बार से ज्यादा हेमंत बाबू कहा. उनका भाषण हेमंत सोरेन सरकार के काम, उपलब्धियां और केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ रहा.

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आंखों-देखी: ऐसा था सदन का नजारा

-पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के बाद सदन में अपना भाषण शुरू किया. हेमंत सोरेन ने 12.27 बजे अपना भाषण शुरू किया. हेमंत ने करीब 25 मिनट भाषण दिया.

-हेमंत ने अपने भाषण में केंद्र सरकार को घेरा. आदिवासी कार्ड खेला. बताया कि भाजपा आदिवासी का शासन बर्दाश्त नहीं करती है.

-प्रतिपक्ष के नेता अमर बाउरी हेमंत सोरेन को छोड़ कांग्रेस पर हमलावर थे. कांग्रेस के विधायक उनके भाषण के दौरान हो-हंगामा करते रहे.

-सदन में विश्वासमत से पहले स्पीकर के आदेश के बाद अंतिम घंटी बजायी गयी. घंटी बंद होने के बाद सत्ता पक्ष के विधायकों को खड़ा होने कहा गया. उनकी गिनती हुई. पक्ष में 47 विधायकों की घोषणा हुई.

-इसके बाद विपक्ष के विधायक खड़े हुए. उनकी गिनती हुई. 29 विधायक गिने गये.

-स्पीकर ने चंपाई सरकार के विश्वासमत जीतने की घोषणा की. दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही स्थगित हो गयी.

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लेखक के बारे में

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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