Jharkhand: बागी कांग्रेस विधायकों के तेवर तल्ख, बोले- शपथ ग्रहण में जाने का मतलब नाराजगी दूर होना नहीं, 4 मंत्रियों को हटाना होगा

Jharkhand: झारखंड में चंपाई सोरेन की कैबिनेट के विस्तार के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन के दो दलों कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा में बगावत के सुर उठने लगे हैं. कांग्रेस के 12 विधायकों ने खुल्लमखुल्ला ऐलान कर दिया है कि वे अपनी मांगों पर अब भी अड़े हैं.

Jharkhand: झारखंड में चंपाई सोरेन की कैबिनेट के विस्तार के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन के दो दलों कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में बगावत के सुर उठने लगे हैं. कांग्रेस के 12 विधायकों ने खुल्लमखुल्ला ऐलान कर दिया है कि वे अपनी मांगों पर अब भी अड़े हैं. पार्टी आलाकमान के सम्मान में वे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे. वहीं, लातेहार के विधायक बैद्यनाथ राम ने चेतावनी दी है कि पार्टी ने दो दिन में निर्णय नहीं लिया, तो बड़ा कदम उठायेंगे.

झारखंड कांग्रेस के 12 विधायकों ने दिखाए बागवती तेवर

राजधानी रांची में कांग्रेस के विधायक अनूप सिंह ने मीडिया से कहा कि हमलोग कुल 12 विधायक हैं. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार ठाकुर के जरिए हमने आलाकमान को एक पत्र भेजा है. अब भी हमारी मांगें वहीं हैं, जो पहले थीं. चंपाई सोरेन कैबिनेट के मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का ये मतलब कतई नहीं निकाला जाना चाहिए कि हम अपनी मांगों को भूल गए हैं.

राहुल गांधी और खरगे के सम्मान में शपथ ग्रहण में गए

अनूप सिंह ने कहा कि हम अपनी बातों से और अपनी चिंता से आलाकमान को अवगत कराना चाहते हैं. पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के फैसले के सम्मान में हम शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे. अगर हमारी मांगें नहीं मानीं गईं, तो हम 12 विधायक विधानसभा नहीं जाएंगे.

कांग्रेस कोटे के सभी 4 मंत्रियों को हटाया जाए

कांग्रेस विधायकों ने पार्टी के कोटे से मंत्री ने सभी चार लोगों को मंत्री पद से हटाने की मांग की है. इतना ही नहीं, कांग्रेस विधायकों ने यह भी कह दिया है कि हम सभी 12 विधायक एकजुट हैं. अगर हमारी मांग पर पार्टी ने उचित फैसला नहीं किया, तो हम सभी लोग झारखंड से बाहर चले जाएंगे.

बजट सत्र से पहले फैसला नहीं हुआ, तो चले जाएंगे बाहर

विधायकों ने झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश ठाकुर को ज्ञापन देते हुए दो टूक कहा कि सभी चारों मंत्री बदलें, नहीं तो हम विधानसभा सत्र में नहीं जायेंगे. बजट सत्र से पहले पार्टी फैसला ले, नहीं तो राज्य से बाहर निकल जायेंगे.

विधायकों का आरोप : मंत्री फोन तक नहीं उठाते

कांग्रेस के नाराज विधायकों ने कहा है कि मंत्री फोन तक नहीं उठाते. हमने चार साल तक इनका काम देखा है. लोकसभा और विधानसभा के चुनाव सिर पर हैं. हम क्षेत्र में क्या मुंह लेकर जायेंगे. कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि सरकार में रहते हुए कांग्रेस कोटे के मंत्रियों ने कोई काम नहीं किया.

कांग्रेस के कोटे से बने 12वां मंत्री

झारखंड कांग्रेस के विधायकों ने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के समर्थन में बयान देते हैं. उनकी मांग है कि 12वां मंत्री कांग्रेस के कोटे से बनाया जाये. वहीं, पार्टी में एक व्यक्ति, एक पद लागू करने की भी मांग की जा रही है.

इन विधायकों ने अपनाए हैं बगावती तेवर

कांग्रेस विधायकों ने प्रभारी गुलाम अहमद मीर और प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर से कहा कि हमलोगों ने चार साल झेला है. भाजपा के समर्थन में बात करनेवालों को मंत्री बनाया जा रहा है. ऐसा नहीं चलने देंगे. विधायक भूषण बाड़ा, अनूप सिंह, दीपिका पांडेय सिंह, अंबा प्रसाद, इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला, शिल्पी नेहा तिर्की, राजेश कच्छप, रामचंद्र सिंह, नमन विक्सल कोंगाड़ी इस गुट में हैं.

प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने विधायकों को समझाया

इससे पहले नाराज विधायकों को प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने समझाया. इसके बाद विधायक शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे. शपथ ग्रहण समारोह से लौटने के बाद फिर बगावती तेवर दिखा दिए. साफ कहा कि उनकी नाराजगी बरकरार है. जीए मीर ने कहा कि विधायकों की नाराजगी जायज है. ये अपने क्षेत्र को लेकर चिंतित हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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