Jharkhand Cabinet Decisions|रांची स्मार्ट सिटी में 11 मंत्रियों के आवास पर खर्च होंगे 114.47 करोड़ रुपए

Jharkhand Cabinet Decisions|झारखंड की राजधानी रांची में बन रही स्मार्ट सिटी में 11 कैबिनेट मंत्रियों के लिए आवास बनाए जाएंगे. इस पर 114.47 करोड़ रुपए खर्च होंगे.

Jharkhand Cabinet Decisions|झारखंड की राजधानी रांची में बन रही स्मार्ट सिटी में 11 कैबिनेट मंत्रियों के लिए आवास बनाए जाएंगे. इस पर 114.47 करोड़ रुपए खर्च होंगे. मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार (12 फरवरी) को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने यह जानकारी दी.

69.90 मंत्रियों के लिए बन रहे आवास का खर्च 69.90 करोड़ से बढ़कर हुआ 114.47 करोड़

कैबिनेट सचिव ने बताया कि कैबिनेट मंत्रियों के आवास के निर्माण पर आने वाला अनुमानित खर्च 69.90 करोड़ रुपए था. अब यह खर्च बढ़कर 114 करोड़ 47 लाख 21 हजार 100 रुपए हो गया है. उन्होंने बताया कि आवास में कुछ सुविधाएं जोड़ी गईं हैं, जिसकी वजह से खर्च बढ़ा है. आवास में मॉड्यूलर किचन और लिफ्ट आदि की सुविधा बढ़ाई गई है.

Also Read: झारखंड : बेटी, जवान और किसान पर मेहरबान चंपाई सोरेन सरकार, कैबिनेट में 25 प्रस्तावों को दी मंजूरी

जमशेदपुर को मिलेगा लॉ कॉलेज

कोल्हान प्रमंडल के लिए भी एक खुशखबरी है. कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा के अंतर्गत जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में संचालित विधि संकाय को जमशेदपुर को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज के रूप में अंगीभूत कर स्वीकृत एवं स्थापित करने की स्वीकृति दी गई.

झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट के लिए नई व्यवस्था बनेगी

झारखंड राज्य के विश्वविद्यालयों, अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों (घाटानुदानित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों सहित) में सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति एवं पीएचडी में प्रवेश के लिए झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (JET) के आयोजन के लिए JET एग्जामिनेशन कंडक्शन रूल के गठन की स्वीकृति दी गई.

Also Read: झारखंड कैबिनेट ने 32 प्रस्तावों को दी मंजूरी, कुष्ठ रोगियों और न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों के लिए खुशखबरी

झारखंड तकनीकी शिक्षा सेवा नियमावली, 2023 का होगा गठन

शिक्षा निदेशालय, राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में शिक्षक एवं अन्य पदों पर नियुक्ति के लिए भर्ती एवं सेवा शर्तों के लिए झारखंड तकनीकी शिक्षा सेवा नियमावली, 2023 के गठन को मंजूरी दी गई.

फिर विधानसभा में पेश होगा झारखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2023

झारखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2023 को अधिनियमित करने के लिए झारखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2023 को झारखंड विधानसभा के आगामी बजट सत्र में फिर से पेश करने की मंजूरी मंत्रिपरिषद ने दी.

Also Read: झारखंड: चंपाई सोरेन कैबिनेट का कब हो रहा विस्तार, मंत्री के लिए किनका-किनका नाम चल रहा आगे?

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >