झारखंड : कुड़मी को आदिवासी का दर्जा देने पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने दिया बड़ा बयान, देखें VIDEO

अपनी मांगों को मनवाने के लिए कुड़मी सड़क और रेल चक्का जाम कर देते हैं, तो आदिवासियों ने भी धमकी दे रखी है कि अगर कुड़मियों को आदिवासी का दर्जा दिया गया, तो आदिवासी भी चुप नहीं बैठेंगे. इस बीच, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है.

कुड़मी को आदिवासी का दर्जा देने का मुद्दा इन दिनों काफी गरम है. झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा समेत पांच राज्यों के कुड़मी इसके लिए लगातार आंदोलन कर रहे हैं. पिछले दिनों झारखंड-बंगाल की सीमा पर हुए आंदोलन के दौरान 17 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था. कोर्ट से सभी को जमानत मिल गई है, लेकिन कुड़मियों ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं कि अब जो आंदोलन होगा, वह अब तक हुए आंदोलन से कहीं बड़ा आंदोलन होगा. कुड़मी को आदिवासी का दर्जा मिले या नहीं मिले, इस पर भी अलग-अलग मत हैं. आदिवासी इसके खिलाफ हैं, तो कुड़मी इसे अपना हक मान रहे हैं. अपनी मांगों को मनवाने के लिए कुड़मी सड़क और रेल चक्का जाम कर देते हैं, तो आदिवासियों ने भी धमकी दे रखी है कि अगर कुड़मियों को आदिवासी का दर्जा दिया गया, तो आदिवासी भी चुप नहीं बैठेंगे. इस बीच, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है. प्रभात खबर संवाद में जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने क्या कहा, आप भी इस वीडियो में देखें.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >