जेइइ एडवांस:समय प्रबंधन,शांत मिजाजऔर तार्किक क्षमता जरूरी

जेइइ एडवांस प्रवेश परीक्षा 26 मई को है. आइआइटी मद्रास ने शुक्रवार को एडमिट कार्ड जारी कर दिया.

रांची. जेइइ एडवांस प्रवेश परीक्षा 26 मई को है. आइआइटी मद्रास ने शुक्रवार को एडमिट कार्ड जारी कर दिया. रांची में आइऑन डिजिटल जोन तुपुदाना, फ्यूचर ब्राइट अरगोड़ा और आरटीसी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ओरमांझी को परीक्षा केंद्र बनाया गया है. इन दोनों केंद्रों पर 2480 विद्यार्थी जेइइ एडवांस में शामिल होंगे. इस वर्ष नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने दो सत्र (जनवरी व अप्रैल) में जेइइ मेंस का आयोजन किया था. झारखंड से 25300 विद्यार्थी दोनों सत्र की परीक्षा में शामिल हुए थे, जबकि रांची के 19800 विद्यार्थी थे. इनमें 14% विद्यार्थी जेइइ एडवांस के लिए क्वालिफाइ हुए. वहीं, देशभर से 2.5 लाख विद्यार्थी जेइइ एडवांस में शामिल होंगे. इस परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को देश के टॉप-23 आइआइटी में नामांकन मिलेगा. विशेषज्ञों ने कहा कि जेइइ एडवांस के कटऑफ में लगातार इजाफा हो रहा है. यही कारण है कि जेइइ एडवांस के प्रश्न ज्यादा उलझाने वाले यानी हाई ऑर्डर थिंकिंग (एचओटी) आधारित पूछे जाते हैं. विद्यार्थियों को ज्यादा फोकस रहते हुए समय प्रबंधन, शांत मिजाज और तार्किक क्षमता के साथ सटीक जवाब देना होगा.

दोनों सत्र में शामिल होना अनिवार्य

जेइइ एडवांस की परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) मोड यानी ऑनलाइन होगी. परीक्षार्थियों को दोनों पेपर की परीक्षा में अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा. पहली पाली की परीक्षा सुबह नौ से 12 बजे और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक होगी. दोनों पाली के पेपर में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के प्रश्न पूछे जायेंगे. इन प्रश्नों के माध्यम से परीक्षार्थी में विषय के प्रति गंभीरता, जानकारी, नवाचार और तार्किक क्षमता का आकलन किया जायेगा.

आइआइटी मद्रास के प्रैक्टिस सेट से तैयारी आसान

विद्यार्थी जेइइ एडवांस की बेहतर तैयारी कर सके इसके लिए आइआइटी मद्रास ने आधिकारिक वेबसाइट के रिसोर्स पोर्टल पर प्रैक्टिस सेट पेपर अपलोड किया है. प्रैक्टिस सेट पेपर को विद्यार्थी https://jeeadv.ac.in/resources.html पर लॉगइन कर अलग-अलग भाषाओं में हल कर सकेंगे. प्रैक्टिस पेपर हल कर परीक्षा के पैटर्न को समझ सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि पेपर को समझने के लिए प्रैक्टिस सेट पेपर सबसे कारगर विकल्प है. इससे न केवल अभ्यर्थी क्वेश्चन पैटर्न से परिचित होंगे, बल्कि विषय के मजबूत और कमजोर पक्ष की भी जांच कर सकेंगे. तैयारी का विश्लेषण कर अंतिम समय में खुद को किन विषय में ध्यान देना है और किन प्रश्न को छोड़कर आगे बढ़ना है, इसका बेहतर मूल्यांकन करने का मौका मिलेगा.

कम से कम 50 से 55 प्रश्न जरूर हल करें

प्रत्येक पाली की परीक्षा में प्रश्नों को हल करने के लिए तीन-तीन घंटे का समय मिलेगा. जेइइ एडवांस की परीक्षा में प्रत्येक वर्ष नये पैटर्न व नये प्रश्न होते हैं. प्रश्नों की संख्या में भी बदलाव होता है. 2022 और 2023 में पूछे गये प्रश्नों का ट्रेंड देखे, तो पेपर-1 और पेपर-2 में 54-54 प्रश्न कुल 108 प्रश्न पूछे गये थे. प्रैक्टिस टेस्ट पेपर को हल करते वक्त मुख्य परीक्षा का ही ध्यान रखें. दोनों पेपर को मिलाकर कम से कम 50-55 प्रश्नों को हल करने का लक्ष्य बनायें. सीमित समय में ज्यादा से ज्यादा प्रश्न हल हो, इसके लिए प्रश्न को हल करने की स्पीड बढ़ानी होगी. विद्यार्थियों को प्रत्येक प्रश्न के सही उत्तर पर पूरे अंक मिलेंगे और गलत होने पर शून्य. सही आंसर हल करने पर निगेटिव मार्किंग से बचेंगे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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