रांची (विशेष संवाददाता). राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार से मंगलवार को आदिवासी महासभा ने मिल कर रांची विवि अंतर्गत जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा विभाग अंतर्गत कुड़ुख भाषा में पीएचडी कार्य में अनियमितता की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है. महासभा के समन्वयक देव कुमार धान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से राजभवन में इस बाबत ज्ञापन भी सौंपा. श्री धान ने बताया कि पीएचडी शोध में गड़बड़ी बढ़ती जा रही है, जिससे कुड़ुख भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं इतिहास लेखन में गंभीर त्रुटियां हो रही हैं. ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि कुड़ुख भाषा में पीएचडी करने वाले छात्रों को गाइड/पर्यवेक्षक के रूप में मुंडारी भाषा के शिक्षकों को नियुक्त किया जा रहा है, जिन्हें कुड़ुख़ भाषा की जानकारी तक नहीं है. प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से इसकी जांच करा कर पीएचडी निबंधन रद्द कराने का आग्रह किया. राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को इसकी जांच कराने तथा इस स्थिति को सुधारने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया.
फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष व सचिव पर कार्रवाई की मांग
रांची. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मंगलवार को झारखंड फार्मेसी छात्र संघ ने राजभवन में मुलाकात कर झारखंड फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष एवं निबंधक सह सचिव के विरुद्ध कार्रवाई करने का आग्रह किया. संघ ने इस बाबत राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा. फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष द्वारा गलत सूचना देने एवं निबंधक पद पर अनुचित नियुक्ति की ओर राज्यपाल का ध्यान भी आकृष्ट कराया. साथ ही विधिक एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की जानकारी दी. कहा कि दोनों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाये. छात्रों ने डिप्लोमा-इन-फार्मेसी परीक्षा समिति द्वारा डी फार्मा में की गयी अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
