IND vs SA ODI Weather Report: भारत-दक्षिण अफ्रीका एकदिवसीय मैच से पहले जान लें रांची में मौसम का हाल

IND vs SA 2nd ODI Weather Forecast: अभी तक आसमान में बादल देखने को नहीं मिले हैं. सुबह से रांची में धूप खिली हुई है. स्टेडियम के बाहर क्रिकेट प्रेमियों की भीड़ जुट चुकी है. झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) स्टेडियम में लोगों का प्रवेश शुरू हो चुका है.

IND vs SA 2nd ODI Weather Report: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जाने वाले एकदिवसीय मैच के दौरान या मैच शुरू होने से पहले बारिश के आसार नजर आ रहे हैं. रांची (Ranchi Weather) स्थित मौसम केंद्र (Meteorological Center Ranchi) ने एक दिन पहले ही अपने पूर्वानुमान में बता दिया था कि झारखंड (Jharkhand News) की राजधानी में 9 अक्टूबर को सेकेंड हाफ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.

रांची में अभी खिली है तेज धूप, आसमान साफ

हालांकि, अभी तक आसमान में बादल देखने को नहीं मिले हैं. सुबह से रांची (Ranchi News Today) में धूप खिली हुई है. स्टेडियम के बाहर क्रिकेट प्रेमियों की भीड़ जुट चुकी है. झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (Jharkhand State Cricket Association – JSCA) स्टेडियम में लोगों का प्रवेश शुरू हो चुका है. भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच रांची में 1:30 बजे से सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच खेला जायेगा.

Also Read: India vs South Africa 2nd ODI: कांटे की टक्कर वाला होगा यह महामुकाबला! जानिए क्या कहता है JSCA का गणित?

बारिश से निबटने के लिए जेएससीए तैयार

अगर बारिश होती भी है, तो जेएससीए ने इससे निबटने की तैयारी पहले से ही कर रखी है. जेएससीए स्टेडियम का प्रबंधन देख रहे अजयनाथ शाहदेव ने कहा है कि अगर बारिश होती है, तो मैदान में तो 45 मिनट के अंदर सुखाने की पूरी व्यवस्था है. इसलिए बारिश की वजह से मैच ज्यादा देर तक बाधित नहीं होगी.

नहीं बन रहा कोई वेदर सिस्टम: मौसम वैज्ञानिक

मौसम केंद्र के प्रमुख अभिषेक आनंद ने बताया है कि कोई वेदर सिस्टम नहीं बन रहा है. थंडरिंग की वजह से बारिश होने का अनुमान है. ऐसी बारिश का दायरा बहुत ज्यादा नहीं होता है. 10-15 किलोमीटर के दायरे में भी यह बारिश होती है. बहुत देर तक यह बारिश नहीं होती. इसलिए वर्षा की वजह से मैच में खलल पड़ेगी, इसकी उम्मीद बहुत कम है.

Also Read: India vs South Africa 2nd ODI: एम एस धोनी के शहर रांची में सूर्यकुमार यादव के टी-शर्ट की भारी मांग

रांची में हुई 6 मिलीमीटर वर्षा

बता दें कि मौसम केंद्र रांची ने रविवार (9 अक्टूबर 2022) को समाचार लिखे जाने तक किसी प्रकार की मौसम चेतावनी या पूर्वानुमान जारी नहीं किया है. 8 अक्टूबर को रांची में 6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गयी थी. जमशेदपुर और डाल्टनगंज में बारिश नहीं हुई थी. रांची में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जबकि अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री हो गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >