मानव संसाधन सदियों से सर्वोत्तम संसाधन

सेल-एमटीआइ में एचआर कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया.

रांची. मानव संसाधन सदियों से सर्वोत्तम संसाधन रहा है. आज तकनीक सहित अन्य संसाधन तो खरीदे जा सकते हैं, लेकिन टैलेंट और एचआर नहीं. कोई उनके लिए भुगतान तो कर सकता है, लेकिन गहन मानव संसाधन हस्तक्षेप के बिना मानव पूंजी का सर्वोत्तम लाभ सुनिश्चित नहीं कर सकता. ये बातें सेल के अध्यक्ष अमरेंदु प्रकाश ने सेल-एमटीआइ में आयोजित एचआर कॉन्क्लेव में कहीं. उन्होंने कहा कि अब जज संस्कृति से नज संस्कृति में बदलाव का समय आ गया है. ‘जज’ दृष्टिकोण एक न्यायिक संस्कृति का संकेत देता है. जो कभी-कभी किसी संगठन में सद्भाव को दूषित कर देता है. वहीं फीडबैक के साथ साथियों से निरंतर प्रोत्साहन यानी ‘नज’ संस्कृति कंपनी के संपूर्ण स्वास्थ्य को उत्कृष्ट बनाता है. सेल के निदेशक (कार्मिक) केके सिंह ने कहा कि आज सेल की संरचना में एचआर का समावेश हो गया है. सेल के प्रतिभा भंडार को प्रेरित करके ही बाजार के उतार-चढ़ाव को निरस्त किया जा सकता है. उन्होंने किसी भी संगठन के भीतर एक अनौपचारिक सीखने के माहौल बनाने की बात कही. मौके पर बीएस पोपली, कार्यकारी निदेशक आशीष चक्रवर्ती (इडी, एसएसओ और एमटीआइ), राजन प्रसाद, तरुण मिश्रा, एसके वर्मा, वेद प्रकाश, संदीप कर उपस्थित थे.

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