आदिवासी महोत्सव में बोले हेमंत- युवाओं की भावनाओं को समझती है सरकार, पारदर्शिता के साथ होगा न्याय

झारखंड आदिवासी महोत्सव-2026 के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं को संबोधित किया. उन्होंने JPSC-JSSC मुद्दों पर सरकार की ओर से पूरी पारदर्शिता और न्याय का भरोसा दिलाया. सीएम ने युवाओं से अपील की कि वे किसी राजनीतिक बहकावे में न आएं और संवाद से समाधान निकालने पर जोर दिया.

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट

राजधानी के मोरहाबादी मैदान में रविवार को दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव-2026 का शुभारंभ हुआ. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महोत्सव का उद्घाटन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने JPSC-JSSC से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं और विद्यार्थियों को भी संदेश दिया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की भावनाओं को समझती है और उनके साथ पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय किया जायेगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने गड़बड़ी की है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी.

गड़बड़ी सामने आयी है तो जांच होगी, न्याय मिलेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य के कुछ युवा और छात्र अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार खुले मन से उनकी बात सुन रही है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में गड़बड़ी की बात आयी है, तो उसकी जांच होगी और नौजवानों को न्याय मिलेगा.

उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वालों को कठोर सजा दी जायेगी. मुख्यमंत्री ने युवाओं से विश्वास रखने की अपील करते हुए कहा कि वे भी इसी मिट्टी में जन्मे हैं और इसी मिट्टी से जुड़े हैं. सरकार युवाओं के साथ गलत नहीं होने देगी.


विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन

आंदोलन को राजनीतिक नजरिये से नहीं देखें

हेमंत सोरेन ने कहा कि पूरे मामले को राजनीतिक नजरिये से देखने की जरूरत नहीं है. युवाओं को किसी राजनीतिक छत्रछाया की भी जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए राजनीतिक दलों का इस्तेमाल कर युवा पीढ़ी को अपने हित में इस्तेमाल करने का प्रयास करते हैं.

मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी बात सरकार के सामने स्पष्ट और निर्भीक तरीके से रखें. उन्होंने कहा कि सरकार अब केवल आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से युवाओं की बातें सुनने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि घर बैठे अपनी समस्याओं को लेकर चिंतित युवाओं तक भी पहुंचने का प्रयास करेगी.

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‘दिग्भ्रमित नहीं हों युवा, संवाद से निकलेगा समाधान’

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में अलग-अलग राजनीतिक दलों की नजर युवा पीढ़ी पर है. युवाओं को सही और गलत तथ्यों के बीच दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है. ऐसे में युवाओं को सजग रहने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान बातचीत और लोकतांत्रिक तरीके से निकाला जा सकता है. अपने ही लोगों के साथ लाठी-डंडे के बल पर किसी समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता.


सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन

परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता का भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खुद को युवाओं से अलग नहीं मानते हैं. युवाओं की भावनाएं और उनकी चिंताएं सरकार की भी चिंता हैं. संवैधानिक जिम्मेदारी के स्थान पर रहते हुए वह युवाओं को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनके साथ पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय होगा. न्याय केवल होगा ही नहीं, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देगा.

आदिवासी समाज की पहचान को अक्षुण्ण रखने का प्रयास

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित महोत्सव में मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती पर आदिवासी समाज की अपनी अलग पहचान है. इसी पहचान, संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि मोरहाबादी मैदान में देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले आदिवासी समुदायों की विविधता और सांस्कृतिक झलक देखने को मिल रही है. महोत्सव में आदिवासी कला एवं शिल्प, पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प, जनजातीय जीवन-पद्धति, लोक संगीत और नृत्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हैं.


समारोह का उद्घाटन करते राज्यपाल संतोष गंगवार, सीएम हेमंत सोरेन और वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर

राज्यपाल को बताया आदिवासी समाज का मार्गदर्शक

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की मौजूदगी को समारोह की विशेष गरिमा बताया. उन्होंने कहा कि राज्यपाल केवल राज्य के संवैधानिक प्रमुख नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय के मार्गदर्शक और सर्वमान्य नेतृत्वकर्ता के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (TAC) राज्यपाल के मार्गदर्शन में काम करती है और आदिवासी समुदाय के हित, विकास और कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा करती है.

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‘झारखंड वीरों की भूमि’

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि वीरों की भूमि है. यहां के पूर्वजों ने देश के बड़े हिस्से में आजादी की भावना मजबूत होने से पहले ही अपने अधिकार, अस्मिता और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया था. जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज के लिए केवल संसाधन नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति और अस्तित्व का हिस्सा हैं.

उन्होंने कहा कि राज्य को आगे बढ़ने से रोकने और लोगों को दिग्भ्रमित करने के प्रयासों से समाज और खासकर युवाओं को सजग रहने की जरूरत है.


नगाड़ा बजाते सीएम हेमंत सोरेन

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

महोत्सव के उद्घाटन के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री समेत अन्य अतिथियों ने प्रदर्शनी शिविर, वृत्तचित्र फिल्म महोत्सव, इमर्सिव जोन और चित्रकला शिविर का उद्घाटन किया. पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज, नगाड़ा फॉर्मेशन और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने समारोह में झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया.

कार्यक्रम में मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक कल्पना सोरेन, विधायक अमित महतो, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे.

राज्य में लुप्त हो रही जनजातीय परंपराओं को बचाना होगा: वित्त मंत्री

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि जनजातीय समुदाय अपनी पुरातन परंपरा को भुलाते जा रहे हैं. राज्य में लुप्त हो रही जनजातीय परंपरा को बचना होगा. इनकी संस्कृति व परंपरा को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करना होगा. आज के आधुनिक समाज की दौर में आदिवासी पिछड़े हैं.


राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और कल्पना सोरेन

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी पर दिखायी गयी वीडियो

समारोह में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी पर तैयार की गयी एआई आधारित वीडियो दिखायी गयी. इसमें उनके कार्य व सिद्धांतों के बारे में बताया गया. समारोह में प्रदर्शनी शिविर, वृत्तचित्र फिल्म महोत्सव, चित्रकला शिविर भी लगाया गया है.

TAC के जरिये आदिवासी हितों पर फैसले

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (TAC) के माध्यम से आदिवासी समाज के हितों से जुड़े विषयों पर विचार और निर्णय लेने का काम किया जा रहा है. सरकार का प्रयास है कि आदिवासी समाज के लिए बेहतर काम हो और उनके हितों की रक्षा के साथ विकास का रास्ता मजबूत किया जा सके.


राज्यपाल संतोष गंगवार के साथ सीएम हेमंत सोरेन

महोत्सव में दिखेगी आदिवासी जीवन की झलक

उन्होंने कहा कि मोरहाबादी मैदान में आयोजित यह एक भव्य कार्यक्रम है, जहां आदिवासी जीवन की विभिन्न झलकियां देखने को मिलेंगी. आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, रहन-सहन, कला और जीवन पद्धति को अलग-अलग माध्यमों से प्रदर्शित किया जा रहा है. इससे लोगों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि आदिवासी समाज की जीवनशैली किस तरह आगे बढ़ती है और उसकी सांस्कृतिक विरासत कितनी समृद्ध है.

कई राज्यों से पहुंचे कलाकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव में केवल झारखंड के ही आदिवासी समुदाय शामिल नहीं हुए हैं, बल्कि देश के कई राज्यों से कलाकार और आदिवासी समाज के लोग भी पहुंचे हैं. अलग-अलग राज्यों की जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं की प्रस्तुति से महोत्सव को व्यापक स्वरूप मिला है.


नगाड़ा बजाते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

आदिवासी दिवस के बीच छात्र आंदोलन पर भी बोले सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आदिवासी दिवस के साथ राज्य में कुछ अन्य गतिविधियां भी चल रही हैं. छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार उनकी बातों को खुले तौर पर सुन रही है और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास कर रही है.

उन्होंने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों की मांगों को लेकर सरकार संवेदनशील है और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है.


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लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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