झारखंड के 3 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों की होगी बल्ले-बल्ले, सीएम हेमंत सोरेन दे सकते हैं महंगाई भत्ता का तोहफा

Hemant Soren Gift: झारखंड के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की बल्ले-बल्ले होने वाली है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन्हें बड़ा तोहफा दे सकते हैं. कैबिनेट की बैठक में कर्मचारियों के डीए और पेंशनर्स के डीआर में 2 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. इसका लाभ 3 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा. बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगी. यानी कर्मचारियों को 5 महीने का एरियर भी मिलेगा.

Hemant Soren Gift|Dearness Allowance Hike: झारखंड के सरकारी कर्मियों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बड़ा तोहफा दे सकते हैं. गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में हेमंत सोरेन सरकार अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ता (डीए) में 2 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकती है. इसके बाद सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में वृद्धि हो जायेगी. झारखंड के 3 लाख से अधिक सरकारी कर्मियों और पेंशनभोगियों की बल्ले-बल्ले हो जायेगी. कर्मचारियों का डीए और रिटायर्ड कर्मचारियों यानी पेंशनभोगियों के डीआर में वृद्धि होगी. यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगी. यानी कर्मचारियों को 5 महीने का एरियर भी मिलेगा.

हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 8 मई को कैबिनेट की बैठक

गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है. झारखंड कैबिनेट की बैठक पहले 7 मई को होनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से इसे टाल दिया गया. अब यह बैठक 8 मई को प्रोजेक्ट भवन के मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी. यह जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) ने दी है.

3 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को होगा फायदा

झारखंड में फिलहाल 1,62,931 नियमित सरकारी कर्मचारी हैं. इसके अलावा राज्य में 1.58 लाख से अधिक पेंशनभोगी हैं. डीए में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने से इन दोनों वर्गों को लाभ मिलेगा.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

विजिलेंस क्लियरेंस की प्रक्रिया होगी डिजिटल

इतना ही नहीं, सरकार विजिलेंस क्लियरेंस की प्रक्रिया को भी डिजिटल करने जा रही है. अब कर्मियों को विजिलेंस क्लियरेंस के लिए एचआरएमएस पोर्टल पर ही आवेदन देना होगा. पहले यह प्रक्रिया ऑफलाइन होती थी, जिसमें फाइल विभाग से विजिलेंस तक जाती थी. अब यह पूरी प्रक्रिया एचआरएमएस के जरिये ऑनलाइन की जायेगी. गुरुवार को दोपहर 3 बजे से प्रोजेक्ट भवन में कैबिनेट की बैठक होगी. इसमें डीए बढ़ोतरी के साथ-साथ करीब 2 दर्जन अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है.

इसे भी पढ़ें : Operation Sindoor: पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सेना के हमले पर झारखंड ने दी ऐसी प्रतिक्रिया

निजी हाथों में जायेगी खुदरा शराब की बिक्री

नयी उत्पाद नीति पर भी कैबिनेट में चर्चा हो सकती है. नयी उत्पाद नीति के तहत खुदरा शराब की बिक्री निजी हाथों में जा सकती है. इसके तहत दुकानों की बंदोबस्ती की जायेगी.

पीवीटीजी क्षेत्र में 275 आंगनबाड़ी केंद्र खुलेंगे

पीएम जनमन योजना के तहत आदिम जनजाति (पीवीटीजी) के लिए उनके ही क्षेत्र में 275 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र खोले जायेंगे. इसमें 60 प्रतिशत केंद्र की और 40 प्रतिशत राज्य की हिस्सेदारी होगी. यानी खर्च का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र देगा और राज्य सरकार 40 प्रतिशत देगी. यह प्रस्ताव भी कैबिनेट के लिए भेजा गया है.

इसे भी पढ़ें

चूल्हा-चौका करने वाली अपर्णा देवी के खाते से 6 माह में 2.5 करोड़ का लेन-देन, जानें पूरा मामला

Good News: झारखंड में गैर मजरुआ खास जमीन की खरीद-बिक्री से रोक हटी

वीडियो कॉल पर बहन से बोला- मेरे बेटे-बेटी मुझे बुला रहे हैं और जेल में लगा ली फांसी, ताजा हुई ट्रिपल मर्डर की यादें

Birth Certificate Scam: झारखंड के इस प्रखंड में जन्म प्रमाण पत्र घोटाला, 4281 बर्थ सर्टिफिकेट रद्द, 5 गिरफ्तार

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >