रांची: अभय तिवारी ने अपने बयान में बताया है कि अभ्यर्थियों से वसूली गयी रकम में से एक करोड़ रुपये उसने खुद अपने पास रखे थे. एफआरओ के एक पद की बोली 20-25 लाख और एसीएफ के पद की बोली 30-35 लाख रुपये में लगी थी. कथित तौर पर उसने और उसके दलालों ने एफआरओ के 12 और एसीएफ के 8 यानी कुल 20 कैंडिडेट दिये, जिनमें से 19 पास हुए. केवल छत्तरपुर निवासी संतोष राम फेल हुआ.
श्वेता गुप्ता बोली
खियांग्ते ने जबरन निकलवाया रिजल्ट अभय और उसके लोगों ने 20 अभ्यर्थी से वसूले 5.80 करोड़ की वसूली की थी. अलग-अलग शहरों से एजेंटों के जरिये कैंडिडेट लाये जाते थे, जिन्हें परीक्षा में पास करा कर पैसे वसूले गये.
अभय ने कैसे की शुरूआत ?
अभय ने पहले होटल खोला अभय तिवारी ने रांची में अपने करियर की शुरुआत में हरमू इलाके में उमेश कुमार के साथ 10 लाख रुपये की पूंजी से होटल खोल कर की थी. फिर दोनों ने स्टेशन रोड में प्रकाश रेसिडेंसी होटल खोला, इसके बाद उसने मैनपावर सप्लाई एजेंसी जिवनकेसी सप्लाई एंड सर्विसेज खोली. जहां से दिल्ली के शैंटी और कोडरमा के लालू के जरिये उसकी मुलाकात टीडीपीएल के निदेशक सतपाल सिंह और रामवीर सिंह से हुई.
