बिहार से रांची आयी बस से 10 लाख रुपये से ज्यादा का मिलावटी पनीर जब्त, होली में थी खपाने की तैयारी

food inspector of ranchi seized paneer worth rs 10 lakhs before holi. रांची (Ranchi) के फूड इंस्पेक्टर डॉ कुल्लू (Food Inspector Dr Kullu) के नेतृत्व में बूटी मोड़ (Booty More) में बसों की जांच के दौरान इसके बारे में पता चला. बख्तियारपुर (Bakhtiarpur) से रांची पहुंची बदानी बस (Badani Bus) में सैकड़ों किलो नकली पनीर होने की सूचना पर फूड इंस्पेक्टर ने छापामारी की थी.

रांची : देश की मेट्रो सिटी की बीमारी अब छोटे शहरों में भी पहुंच गयी है. रांची जैसे शहरों में त्योहारों के दौरान नकली पनीर की सप्लाई शुरू हो गयी है. झारखंड की राजधानी रांची में होली से दो दिन पहले रविवार (8 मार्च, 2020) को जिला प्रशासन ने 10 लाख रुपये से ज्यादा मूल्य का नकली पनीर जब्त किया है. पनीर की यह खेप बिहार के बख्तियारपुर से रांची भेजी गयी थी.

रांची के फूड इंस्पेक्टर डॉ कुल्लू के नेतृत्व में बूटी मोड़ में बसों की जांच के दौरान इसके बारे में पता चला. बख्तियारपुर से रांची पहुंची बदानी बस में सैकड़ों किलो नकली पनीर होने की सूचना पर फूड इंस्पेक्टर ने छापामारी की थी. डॉ कुल्लू ने बस से पनीर उतरवाकर उसकी जांच की, तो पाया कि यह मिलावटी पनीर है. उन्होंने पनीर की पूरी खेप जब्त कर ली.

डॉ कुल्लू ने बताया कि यह पनीर लोगों की सेहत के लिए ठीक नहीं है. इसलिए जिला प्रशासन के निर्देश पर इसकी जांच की गयी है. उन्होंने कहा कि होली के त्योहार के मद्देनजर निरंतर जांच होती रहेगी, ताकि मुनाफा कमाने की लालच में कोई रांची के लोगों की सेहत न बिगाड़ दे. कोई रंगों के इस त्योहार को बदरंग न कर सके.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >