मुख्य संवाददाता, रांची. तमाड़ स्थित बिरहोर कॉलोनी के बच्चे लक्ष्मण पहाड़िया का निजी अस्पताल में सर्जरी होने के मामले को रिम्स ने गंभीरता से लिया है. पीआरओ डॉ राजीव रंजन ने कहा कि सोमवार को इस पूरे मामले में इलाज करने वाले डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा जायेगा. वहीं, नर्सिंग स्टाफ से भी पूछताछ की जायेगी. यह पता किया जायेगा कि आखिर किस वजह से बिरहोर बच्चे को निजी अस्पताल जाना पड़ा. वहीं, डाॅ राजीव ने बताया कि बिरहोर बच्चे लक्ष्मण पहाड़िया का इलाज करने वाले हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ विनय प्रभात ने मौखिक जानकारी दी है. उन्होंने बताया है कि बच्चे का फ्रैक्चर कुछ दिन पुराना था और हड्डी जुड़ने लगी थी. ऑपरेशन पांच से 11 साल की उम्र में किया जाता है, जबकि बच्चे की उम्र तीन साल ही थी. ऐसे में ऑपरेशन के बजाय हिप्स पाइका लगाने से हड्डी का जुड़ाव ठीक से होने लगता है, इसलिए यही सुझाव परिजनों को दिया गया. हिप्स पाइका की व्यवस्था की जा रही थी, लेकिन परिजन अपनी मर्जी से बच्चे को लेकर दूसरे अस्पताल चले गये. वहीं, बच्चे को कैल्शियम और मांसपेशी में दर्द से राहत के लिए दवा के रूप में सिरप दी गयी थी.
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