लाला धौड़ा में गहराया पेयजल संकट, पानी के लिए घंटों लग रही कतार
बुकबुका पंचायत के लाला धौड़ा में पेयजल की समस्या गंभीर होने लगी है.
खलारी. चिलचिलाती धूप और बढ़ती तपिश के साथ ही बुकबुका पंचायत के लाला धौड़ा में पेयजल की समस्या गंभीर होने लगी है. 50 से अधिक घरों वाली इस बस्ती की बड़ी आबादी एकमात्र सोलर जलमीनार पर आश्रित है, लेकिन तकनीकी खामियों और देखरेख के अभाव में अब यहां से जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है. आलम यह है कि सोलर सिस्टम कमजोर होने के कारण पानी का उठाव काफी कम हो गया है, जिससे महिलाओं को नंबर लगाकर एक बाल्टी पानी के लिए घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है.
डीप बोर की जगह चापाकल के भरोसे योजना
ग्रामीणों ने बताया कि करीब चार वर्ष पूर्व 15वें वित्त की राशि से इस सोलर जलमीनार का निर्माण किया गया था. तब नया डीप बोरिंग करने के बजाय पहले से मौजूद एक साधारण चापाकल में ही सबमर्सिबल पंप डाल दिया गया था. पंप खराब होने के बाद इसे करीब 100 मीटर दूर दूसरे चापाकल में शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन दूरी अधिक होने और सोलर प्लेट्स की क्षमता घटने के कारण अब मोटर पर्याप्त पानी नहीं खींच पा रहा है.
जंग खाकर झर रहा सिंटेक्स के नीचे का चदरा
ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार की भारी-भरकम टंकी (सिंटेक्स) जिस लोहे के चदरा पर टिकी है, उसमें जंग लग चुका है. जंग के कारण लोहे का चदरा अब धीरे-धीरे झर रहा है. यदि इसे समय रहते नहीं बदला गया, तो किसी भी समय टंकी नीचे गिर सकती है और बड़ा हादसा हो सकता है.
ग्रामीणों ने की मरम्मत की मांग
पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीण अमित लोहरा, संजय राम, कुलदीप लोहरा, मनीष सिंह, उमा देवी, हीरा देवी, सोनी देवी, कौशल्या देवी, धनावत देवी, सोनम देवी, यशोदा देवी, ममता देवी, कंचन देवी, काजल देवी, किरण देवी, सुलेखा देवी, कविता देवी, शीला देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वर्तमान जलमीनार स्थल पर ही नया डीप बोर किया जाए. साथ ही सोलर सिस्टम और जर्जर हो चुके चदरे को जल्द दुरुस्त किया जाये ताकि लोगों को इस तपती गर्मी में राहत मिल सके.
50 से अधिक घरों वाली इस बस्ती की बड़ी आबादी एकमात्र सोलर जलमीनार पर आश्रित