Political News : विधानसभा में बजट पर चर्चा शुरू

झारखंड सरकार द्वारा पेश वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर सदन के अंदर चर्चा शुरू हो गयी है. दो दिनों तक चलने वाली चर्चा में सरकार अपनी बात बुधवार को रखेगी.

रांची (वरीय संवाददाता). झारखंड सरकार द्वारा पेश वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर सदन के अंदर चर्चा शुरू हो गयी है. दो दिनों तक चलने वाली चर्चा में सरकार अपनी बात बुधवार को रखेगी. पहले दिन चर्चा की शुरुआत करते हुए हेमलाल मुर्मू ने कहा कि हेमंत सोरेन की वर्तमान सरकार शिबू सोरेन के सपनों को पूरा करने लगी है.

श्री मुर्मू ने कहा कि विकास के काम हो रहे हैं. गरीबों की सुनी जा रही है. आज लिट्टीपाड़ा में जेएसएलपीएस से जुड़ी महिलाएं 80 हजार बोरा का निर्माण कर रही है. सरकार को अब ऐसा काम करने वाली महिलाओं को बाजार की जरूरत है.

झारखंड की सबसे बड़ी बीमारी गरीबी है

डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि झारखंड की सबसे बड़ी बीमारी गरीबी है. नीति आयोग ने गरीबी का 12 पैमाना तय किया है. इस पर खरा उतरने पर ही गरीबी दूर होगी. इसको दूर करने के लिए झारखंड की सरकार अच्छा काम कर रही है. बजट में कई उल्लेखनीय प्रयास हुए हैं. एक बजट में जिन-जिन सेक्टर पर ध्यान देना था, दिया गया है. मंईया योजना से वोट तो बढ़ा है. लेकिन, आर्थिक दबाव भी बढ़ा है. इससे सरकार निकल रही है.

देवघर एम्स की नियुक्ति में स्थानीय और विस्थापितों को प्राथमिकता मिले

सुरेश पासवान ने कहा कि बीजेपी की सरकार ने केवल मरने की योजना बनायी थी. केंद्र की नोटबंदी योजना से कई की मौत हुई. डोभा से राज्य में कई लोगों की मौत हुई. हेमंत सोरेन की सरकार गरीबी दूर करने के लिए काम कर रही है. लालू यादव का पूरे विश्व में नाम है. उनके कार्यकाल में रेलवे में बहाली हुई. गरीबों को नौकरी मिली. अभी देवघर में एम्स खुला है. यहां केंद्र के इशारे पर नियुक्ति हो रही है. देवघर एम्स में नियुक्ति में स्थानीय और विस्थापितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए.

धनबाद को एयरपोर्ट की जरूरत

अरुप चटर्जी ने कहा कि धनबाद को एक एयरपोर्ट की जरूर है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में और काम करने की जरूरत है. सरकारी स्वास्थ्य सुविधा को मजबूत किया जाना चाहिए. इस मौके पर अनंत प्रताप देव ने भी सरकार की योजनाओं की तारीफ की. कहा कि इससे गरीबी दूर होगी.

राज्य की 41 फीसदी जनता गरीब : बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने बजट पर चर्चा के दौरान कहा कि वित्त मंत्री ने बजट भाषण में स्व अटल बिहारी वाजपेयी का नाम नहीं लिया. झारखंड गठन में उनके योगदान को भूल गये. यह सही है कि शिबू सोरेन और कई नेताओं ने अलग राज्य के लिए संघर्ष किया, लेकिन स्व वाजपेयी के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता है. आज भी केंद्र सरकार यहां की 2.75 करोड़ लोगों को राशन दे रही है. यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी थी. 25 साल में भी राज्य की 41 फीसदी जनता गरीब है. इसकी जवाबदेही भी सरकार को लेनी चाहिए. 11 साल तक वर्तमान सत्ता में बैठने वाले लोगों ने शासन किया है. राज्य सरकार कहती है कि केंद्र पैसा नहीं दे रही है. लेकिन, पिछले पांच साल में केंद्र की सरकार ने मांग से अधिक पैसा दिया है. सरकार 1.36 लाख करोड़ का जो दावा कर रही है, वह तार्किक नहीं है. यह केवल राजनीतिक बयानबाजी है.

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