JSSC CGL परीक्षा पर नक्सल आतंक का खतरा, अभ्यर्थियों ने बताया हो सकता है जान का जोखिम

JSSC CGL एग्जाम पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं. दरअसल, 21 से 27 सितंबर तक नक्सली अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं. इसे देखते हुए अभ्यार्थियों ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी से मुलाकात कर परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने के लिए आग्रह किया है.

JSSC CGL : झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीजीएल) को लेकर अभ्यर्थियों ने पूर्व मुख्यमंत्री व बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को पत्र सौंपा है. अभ्यर्थियों ने कहा है कि सीजीएल परीक्षा 21 और 22 सितंबर को निर्धारित है. इधर, नक्सली 21 से 27 सितंबर तक स्थापना दिवस मना रहे हैं. इस कारण अभ्यर्थी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

सीएम और Jssc को भी किया इमेल

अभ्यार्थियों ने बताया कि मुख्यमंत्री और जेएसएससी अध्यक्ष को ई-मेल भी किया गया है. अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा को लेकर प्रवेश पत्र भी जारी हो गया है. लगता है सरकार भी निर्धारित समय पर परीक्षा को लेकर अडिग है. पहले भी लापरवाही के कारण उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में दर्जन भर से अधिक अभ्यर्थियों की माैत हो गयी है. अभी भी कई अभ्यर्थी अस्पताल में हैं.

बाबूलाल मरांडी से लगाई गुहार

अभ्यर्थियों ने पत्र में लिखा है कि यदि सीजीएल परीक्षा के दाैरान किसी भी छात्र के साथ कोई दुर्घटना होती है, तो सरकार फिर से अपनी जिम्मेवारी से भाग सकती है. अभ्यर्थियों ने बाबूलाल मरांडी से उचित कदम उठाने की गुहार लगायी है. बता दें, JSSC CGL परीक्षा 21 और 22 सिंतबर को होनी है. इस परीक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. खुद सीएम हेमंत सोरेन ने गुरुवार को उच्च स्तरीय बैठक की और सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जिससे परीक्षा में किसी भी तरह के परेशानी न हो. वहीं इससे पहले भी परीक्षा हुई थी लेकिन पेपर लीक होने के कारण इसे रद्द कर दिया गया था.

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लेखक के बारे में

By Kunal Kishore

कुणाल ने IIMC , नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा की डिग्री ली है. फिलहाल, वह प्रभात खबर में झारखंड डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां वे बतौर कॉपी राइटर अपने पत्रकारीय कौशल को धार दे रहे हैं. उनकी रुचि विदेश मामलों, अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और राष्ट्रीय राजनीति में है. कुणाल को घूमने-फिरने के साथ पढ़ना-लिखना काफी पसंद है.

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