बारिश से सब्जियों को नुकसान, किसानों को कर्ज चुकाने की चिंता

रुक-रुक हो रही बेमौसम बारिश से रांची सहित आस-पास के किसान परेशान हैं. बारिश के कारण सब्जी को काफी नुकसान पहुंचा है. रांची सहित बेड़ो, ओरमांझी, सिल्ली, इटकी, पिस्कानगड़ी, बेड़ो के किसानों की कमर टूट गयी है. कई किसानों ने बैंकों से ऋण लेकर सब्जी की खेती की थी.

रांची : रुक-रुक हो रही बेमौसम बारिश से रांची सहित आस-पास के किसान परेशान हैं. बारिश के कारण सब्जी को काफी नुकसान पहुंचा है. रांची सहित बेड़ो, ओरमांझी, सिल्ली, इटकी, पिस्कानगड़ी, बेड़ो के किसानों की कमर टूट गयी है. कई किसानों ने बैंकों से ऋण लेकर सब्जी की खेती की थी. अब उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि कैसे बैंक का ऋण चुकायें. सब्जियां खेतों में सड़ रही हैं. किसानों का कहना है कि सब्जियां खराब होने से दाम सही नहीं मिल रहा है. वहीं आनेवाले दिनों में सब्जियाें की आवक कम होने से इनकी कीमतें बढ़ जायेंगी. वहीं, व्यापारियों का कहना है कि पानी से भींग जाने के कारण बाहर भेजने पर सब्जियां जल्द खराब हो रही हैं.

यह है हाल : बेड़ो प्रखंड में मटर, टमाटर, फ्रेंचबीन, फूलगोभी, सरसों, अरहर व गेहूं की फसल काफी प्रभावित हुई है. शुक्रवार रात से शनिवार की दोपहर तक हुई बारिश से तो खड़ी फसलों को काफी नुकसान हुआ है. कृषक मित्र बिंदेश्वर महतो, उमेश महतो, देवेंद्र महतो, दुर्गा महतो आदि ने कहा कि लगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया है.

200 एकड़ में लगी सब्जी की फसल खराब हुई : सिल्ली में कई जगहों पर हुई ओलावृष्टि से फ्रेंचबीन, टमाटर, पत्ता गोभी, फूल गोभी समेत अन्य सब्जियों को नुकसान हुआ है. नायक जोबला के किसान भृगुराम कोइरी ने कहा कि नायक जोबला व जोबला गांव सिल्ली प्रखंड का प्रमुख सब्जी उत्पादक इलाका है. बारिश व खराब मौसम के कारण इन दोनों गांव में लगभग 200 एकड़ जमीन पर लगी फसल बर्बाद हो गयी. शनिवार को टमाटर पांच से छह रुपये किलो बिका. एक सप्ताह में कीमत बढ़ने की उम्मीद है.

खेतों में भर गया पानी : बुढ़मू, प्रखंड के खखरा निवासी कयूम अंसारी ने बैंक से 90 हजार केसीसी ऋण लेकर आलू एवं मटर की खेती की थी. फसल खराब होने से ऋण चुकाने में दिक्कत होगी. खेतों में पानी भर जाने से आलू की फसल नष्ट हो गयी है. नगड़ी व आसपास का क्षेत्र कृषि प्रधान इलाका है. यहां की सब्जी बंगाल, बिहार, ओड़िशा सहित कई राज्यों में जाती है. इटकी में खेतों में तैयार गेहूं व सरसों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गयी है. मोरो के कृषक मित्र नंदलाल महतो ने कहा कि गेहूं व सरसों की बालियों में पानी भर जाने से पौधे काले हो गये हैं.

कीमतों में गिरावट : ओरमांझी प्रखंड के चकला ग्राम निवासी राजेश्वर महतो ने बताया कि बारिश से आलू, फूल गोभी, बंधगोभी, मटर,फ्रेंचबीन, बैंगन, टमाटर, तरबूज की खेती को भारी नुकसान हुआ है. बेमौसम बारिश और झुलसा रोग के प्रकोप से खेती पर बुरा असर पड़ा है. इससे सब्जियों के भाव में गिरावट आयी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >