झारखंड में मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना बंद, अगले साल से नहीं कराया जायेगा फसल बीमा

कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में शुरू हुई मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना बंद कर दी है. इसके साथ-साथ किसानों को स्मार्ट मोबाइल देने की योजना भी बंद कर दी जायेगी. फसल बीमा भी बंद हो जायेगा

मनोज सिंह, रांची : कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में शुरू हुई मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना बंद कर दी है. इसके साथ-साथ किसानों को स्मार्ट मोबाइल देने की योजना भी बंद कर दी जायेगी. फसल बीमा भी बंद हो जायेगा. किसानों को इंट्रेस्ट सबवेंशन स्कीम का लाभ भी नहीं मिल पायेगा. 2020-21 के बजट में हेमंत सोरेन की सरकार ने रघुवर दास सरकार में चालू की गयी कई योजनाओं को छोड़ दिया है. पूर्व में चल रही कई योजनाओं की राशि में भारी कटौती की है.

इसके स्थान पर दो नयी योजना भी विभाग ने शुरू करने का निर्णय लिया था. किसानों के ऋण माफी के लिए योजनाएं बनायी गयी है. इसके लिए पहले चरण में दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. फसल बीमा बंद कर 100 करोड़ रुपये का किसान सहायता कोष बनाया गया है.

800 करोड़ ही बंट पाया किसानों के बीच : पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने पांच एकड़ तक जमीन रखनेवाले किसानों को पांच हजार रुपये देने का प्रावधान किया था. इसके लिए राज्य सरकार ने 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था. इसमें मात्र 800 करोड़ रुपये ही किसानों के बीच बंट पाया. 1615351 किसानों के बीच प्रथम किस्त का वितरण किया गया. इसी तरह 966840 किसानों के बीच दूसरी किस्त का वितरण किया गया.

2019-20 में कृषकों को स्मार्ट फोन वितरण योजना के तहत 28250 किसानों को करीब 20 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में दिया गया. किसानों के लिए विभाग इंट्रेस्ट सबवेंशन योजना चलाती थी. इसका लाभ 3740 किसानों को मिला था. हेमंत सोरेन की सरकार मेें किसानों और अधिकारियों को इजराइल भ्रमण की योजना भी बंद कर दी गयी. इस योजना के तहत रघुवर दास की सरकार ने 95 कृषक तथा 20 पदाधिकारियों को इजराइल का एक्सपोजर विजिट कराया था.

तालाब निर्माण व परकोलेशन टैंक की राशि घटी

भूमि संरक्षण विभाग ने पिछले वित्तीय वर्ष में 859 सरकारी और गैर सरकारी तालाबों का जीर्णोद्धार विभाग द्वारा कराया जा रहा है. अब तक 302 तालाबों का जीर्णोद्धार हो चुका है. विभाग में यह 100 करोड़ रुपये की योजना थी. इसे योजना के लक्ष्य को सरकार ने घटा दिया है. इसके लिए मात्र एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. पिछले साल विभाग ने 150 करोड़ रुपये का प्रावधान जल निधि योजना के तहत की थी. इसके तहत परकोलेशन टैंक (छोटा तालाब) का निर्माण किया जाता है. चालू वित्तीय वर्ष में करीब 100 करोड़ रुपये की राशि से महिला यांत्रिकीकरण की योजना थी. इसे घटा कर 50 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

दो नयी योजना शुरू की गयी

हेमंत सोरेन की सरकार में किसानों के लिए दो नयी योजना शुरू की गयी है. इसमें धान उत्पादन एवं बाजार अभिगम्यता / सुलभता सहायता योजना है. इसके तहत धान बेचने वाले किसानों को प्रति क्विंटल 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. यह राशि धान के समर्थन मूल्य और बोनस के अतिरिक्त होगी. इसके लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. 2000 करोड़ रुपये के प्रावधान ऋण माफी के लिए किया गया है. इससे राज्य के सभी छोटे और सीमांत किसानों का कर्ज माफ करने की योजना है.

यूपीए ने चुनाव पूर्व जो घोषणाएं की थी. उसे पूरा करने के लिए विभाग प्रयासरत है. सरकार चुनाव के मद्देनजर काम नहीं कर रही है. सरकार किसानों की हितैषी है. उसी को देख कर योजनाएं बनायी गयी है.

बादल पत्रलेख, कृषि मंत्री.

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By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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