रांची. रांची एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के कुटियातू स्थित एक रेस्टोरेंट टीटॉस में शनिवार की रात 8.30 बजे अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की. इस घटना में होटल के वेटर मनीष गोप की पेट में गोली लगने से मौत हो गयी. घटना को बाइक सवार दो अपराधियों ने अंजाम दिया है. घटना के बाद अपराधी आराम से फरार हो गये.
सिटी एसपी ने ली जानकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद सिटी एसपी पारस राणा और हटिया डीएसपी सहित अन्य लोग जांच के लिए पहुंचे और मामले की जानकारी ली. रेस्टोरेंट संचालक राज कुमार गोप ने बताया कि उनसे प्रिंस खान के नाम पर एक करोड़ की रंगदारी पिछले वर्ष 25 दिसंबर को मांगी गयी थी. उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी थी. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. जिसके अनुसार होटल के बाहर बाइक से पहले दो अपराधी पहुंचे. इसमें एक अपराधी बाइक स्टार्ट करके होटल के बाहर सड़क किनारे रुक गया था. वहीं दूसरा अपराधी होटल के अंदर गया और फायरिंग शुरू कर दी. अपराधी द्वारा करीब चार राउंड फायरिंग की गयी. इस दौरान मनीष गोप के पेट में गोली लग गयी, जिसके बाद रेस्टारेंट के अंदर अफरा-तफरी मच गयी. इसी दौरान फायरिंग करनेवाला अपराधी वहां से भाग निकला. इसके बाद होटल के कर्मचारी मनीष गोप को बचाने के लिए उसे पहले घायल हालत में रेस्टोरेंट के अंदर ले गये, फिर उसे इलाज के लिए राज अस्पताल में लाया गया. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
गोली के तीन खोखे बरामद
पुलिस ने घटनास्थल से जांच के दौरान गोली के तीन खोखे बरामद किये हैं. पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों के बारे में सुराग लगाने की कोशिश कर रही है. फायरिंग में शामिल अपराधियों की तलाश में राजधानी में सघन छापेमारी की जा रही है.शहर के हर क्षेत्र में चेकिंग अभियान के तहत अपराधियों की तलाश शुरू कर दी गयी है. हालांकि अभी तक इसमें कोई सफलता हाथ नहीं लगी है.
मांगी गयी थी रंगदारी, एक माह के लिए बॉडीगार्ड भी मिला था
रेस्टोरेंट संचालक राज कुमार गोप ने बताया कि घटना के दौरान वह होटल के अंदर ही बैठे हुए थे. संभवत: अपराधी उनकी हत्या करने के इरादे से आये थे. लेकिन अपराधी मनीष गोप को गोली मार कर भाग निकले. मनीष गोप उनका चचेरा भाई था. उनसे प्रिंस खान के नाम पर एक करोड़ की रंगदारी गत वर्ष 25 दिसंबर को मांगी गयी थी. जिसके बाद उन्होंने घटना की सूचना स्थानीय थाना से लेकर हटिया डीएसपी, सिटी एसपी, एसएसपी सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों को दी थी. जिसके बाद मामले में एयरपोर्ट थाना में केस दर्ज हुआ था. उन्हें एक माह के लिए बॉडीगार्ड भी दिया गया था. लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया. इस कारण अपराधियों को संभवत: घटना को अंजाम देने का मौका मिला. रंगदारी मांगने की घटना के बाद प्रिंस खान उन्हें धमकाने के लिए तरह-तरह की फोटो और वीडियो भी भेजता था. उन्होंने इस बात की भी जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी थी.
