Corona virus : लगातार बढ़ रही संक्रमितों की संख्या, रोजाना औसतन दो पॉजिटिव केस

राज्य में लॉकडाउन के एक माह हो गये हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार कोरोना से निबटने की तैयारी करती है. इस दौरान जहां भी संदिग्ध मिलते हैं, उनकी जांच की जाती है. झारखंड भी लॉकडाउन की इस अवधि में कुछ हद तक तैयारी कर चुका है और कुछ तैयारियां चल रही हैं

रांची : राज्य में लॉकडाउन के एक माह हो गये हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार कोरोना से निबटने की तैयारी करती है. इस दौरान जहां भी संदिग्ध मिलते हैं, उनकी जांच की जाती है. झारखंड भी लॉकडाउन की इस अवधि में कुछ हद तक तैयारी कर चुका है और कुछ तैयारियां चल रही हैं. झारखंड में कोरोना जांच के लिए सबसे पहले 14 मार्च को एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर में सेंटर खोला गया था. इसके ठीक 10 दिन बाद 24 मार्च को रिम्स रांची में जांच केंद्र खोला गया. अप्रैल में पीएमसीएच धनबाद और यक्ष्मा अारोग्यशाला इटकी में जांच केंद्र खोले गये हैं.

राज्य में इस समय 600-700 जांच करने की क्षमता एक दिन में है. राज्य सरकार ने तीन मेडिकल कॉलेज पलामू, हजारीबाग और दुमका में जांच केंद्र खोलने की अनुमति मांगी है. जमशेदपुर में निजी अस्पताल टीएमएच को जांच की अनुमति मिली गयी है.बढ़ती जा रही संक्रमितों की संख्याझारखंड में तेजी से कोरोना संक्रमितों की संख्या भी बढ़ती जा रही है. राज्य में पहला मरीज 31 मार्च को मिला था. सरकार के आंकड़े के हिसाब से 24 अप्रैल तक 5857 मरीजों की जांच की गयी थी, जिसमें 59 मरीज कोरोना संक्रमित हुए हैं. यानी जांच की संख्या के हिसाब से 0.95 प्रतिशत के हिसाब से मरीजों की संख्या बढ़ रही है. औसतन प्रतिदिन दो कोरोना से संक्रमित मरीज मिल रहे हैं.

राज्य में अब तक आठ कोरोना संक्रमित ठीक हुए हैं. यानी कोरोना संक्रमित के ठीक होने की रफ्तार 14 फीसदी की दर से है. राजधानी रांची की बात की जाये, तो 31 मार्च को पहला मरीज मिला था, जिसकी संख्या बढ़कर 37 हो गयी है. यानी रांची में कोरोना संक्रमित मरीजों की वृद्धि दर की बात की जाये, तो 97 फीसदी है. रांची में 22.8 फीसदी के हिसाब से कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हो रहे हैं.

मरीजों की संख्या जिस गति से बढ़ रही है, उस हिसाब से ठीक होने की दर नहीं बढ़ रही है.एक नजर इस पर भी डालें कुल सैंपल की हुई जांच

5,857 कुल संक्रमित की संख्या

59 निगेटिव की संख्या

कोविड से निबटने के कितनी सामग्री है (23 अप्रैल तक)

सामग्री ट्रिपल लेयर मास्क इंफ्रारेड थर्मल गन एन 95

मास्क पीपीइ किट वीटीएम किट आर्डर

500000 1800 135000 194596

क्या है अस्पतालों की स्थिति

राज्य में कुल कोरोना जांच केंद्र 04

राज्य में चिह्नित कोविड-19 अस्पताल 206

कोविड-19 आइसीयू बेड 7989

राज्य में कोविड नन आइसीयू बेड 7510

राज्य में वेंटिलेटर की संख्या 206 (340 वेंटिलेटर के अॉर्डर दिये गये हैं)

राज्य में आइसोलेशन सेंटर के बेड की संख्या 2891

राज्य में क्वारेंटाइन केंद्र की संख्या 4061

राज्य में क्वारेंटाइन बेड की संख्या 45,12,715

फरवरी के बाद से कुल क्वारेंटाइन किये गये लोगों की संख्या 320316

होम क्वारेंटाइन वाले लोगों की संख्या 88181

राज्य में क्वारेंटाइन अवधि समाप्त करने वालों की संख्या 132008

कहां-कहां होती है जांच और कितनी है क्षमता

रिम्स रांची- 250 से 300

एमजीएम जमशेदपुर- 150

पीएमसीएच धनबाद-50

यक्ष्मा आरोग्यशाला इटकी-50

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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