रांची. रांची महाधर्मप्रांत के सामलौंग पल्ली स्थित चर्च में रविवार को दृढ़ीकरण संस्कार हुआ. आर्चबिशप विसेंट आईंद मुख्य अनुष्ठाता थे. आर्चबिशप ने 115 कैथोलिक बच्चे-बच्चियों को दृढ़ीकरण संस्कार ग्रहण कराया. मिस्सा बलिदान अर्पित कर बच्चों के भावी जीवन की सफलता और प्रभु की सेवा में समर्पित सेना बनने के लिए प्रार्थना की. आर्चबिशप ने कहा कि हम सिर्फ देखी हुई बातों पर नहीं चलते, बल्कि विश्वास पर आधारित जीवन ख्रीस्तियों की विशेषता है. बाइबल के बीज पर आधारित दृष्टांत का मर्म समझाते हुए कहा कि हम सभी में अलग-अलग तरह की और असीमित क्षमता है, इसलिए किसी को नीचा दिखाने से बचने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बच्चों की क्षमता निखारने के लिए वातावरण तैयार करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए. इससे पूर्व आर्चबिशप के सामलौंग पल्ली पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया. चर्च परिसर में ढोल-नगाड़े और मांदर की गूंज थी. इस अवसर पर पल्ली का संक्षिप्त इतिहास पढ़कर सुनाया गया. समारोह में सामलौंग के पल्ली पुरोहित फादर मैक्सिमूस टोप्पो, सहायक पल्ली पुरोहित फादर आनंद लकड़ा, फादर इग्नेस टोप्पो, फादर बरनाबास मिंज, फादर अगस्टिन केरकेट्टा, फादर समीर मिंज, आर्चबिशप के सचिव फादर असीम मिंज आदि शामिल थे.
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