राष्ट्रीय सुविधाओं का ज्ञान साझा करें कंपनियां : संदीप कुमार कर

आरडीसीआइएस (सेल) में हाइड्रोजन डायरेक्ट रिडक्शन पर कार्यशाला का आयोजन इस्पात भवन में हुआ.

रांची. आरडीसीआइएस (सेल) में हाइड्रोजन डायरेक्ट रिडक्शन पर कार्यशाला का आयोजन इस्पात भवन में हुआ. यह कार्यशाला आइआइटी खड़गपुर और आरडीसीआइएस, सेल रांची में हाइड्रोजन आधारित डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (डीआरआइ) की प्रयोगशाला सुविधाओं और पायलट प्रोजेक्ट्स की स्थापना पर ज्ञान साझा करने और भावी रणनीति तय करने के उद्देश्य से आयोजित की गयी थी. कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए आरडीसीआइएस के कार्यकारी निदेशक संदीप कुमार कर ने कहा कि इस्पात उद्योग के हित में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुविधाओं के विकास के लिए डिजाइनरों, प्रक्रिया विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान बहुत जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में हाइड्रोजन आधारित डीआरआई, डीकार्बोनाइजेशन और स्वदेशी तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा.आइआइटी खड़गपुर के प्रो एसबी सिंह ने इस पहल को स्वदेशी तकनीक के विकास की दिशा में उद्योग-शैक्षणिक सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण बताया. वहीं, प्रो मानस पालीवाल ने हाइड्रोजन आधारित डीआरआइ पर किये गए सिमुलेशन अध्ययन को प्रस्तुत किया. उन्होंने भारतीय लौह अयस्क की परिस्थितियों के अनुसार शाफ्ट रिएक्टरों के डिजाइन के बारे में भी जानकारी दी. कार्यशाला में आइआइटी खड़गपुर के प्रो महेंद्र रेड्डी और हाइड्रोजन आपूर्तिकर्ताओं ने हाइड्रोजन के संचालन, आपूर्ति और भंडारण से संबंधित सुरक्षा पहलुओं पर भी जानकारी दी. इस दौरान आरडीसीआइएस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.

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