करम पर्व पर सीएम हेमंत सोरेन का संदेश, बोले- जल, जंगल और जमीन आने वाली पीढ़ियों की धरोहर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने करम पर्व पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने प्रकृति, भाई-बहन के प्रेम और झारखंड की संस्कृति के प्रतीक इस पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला.

रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रकृति महापर्व करम पर्व के अवसर पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि प्रकृति और मानव जीवन के गहरे जुड़ाव, भाई-बहन के अटूट प्रेम और परंपरा का प्रतीक करम पर्व झारखंड की पहचान और जीवन-पद्धति से जुड़ा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि करम पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और उसके संरक्षण की प्रेरणा देता है. जल, जंगल और जमीन केवल जीवन के आधार नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और आने वाली पीढ़ियों की धरोहर भी हैं.

उन्होंने कहा कि करम पर्व भाई-बहन के पवित्र स्नेह और आपसी विश्वास का भी पर्व है. अखड़ा में करम डाली की स्थापना, मांदर की थाप, करम गीत और सामूहिक नृत्य झारखंड की लोक-संस्कृति की अभिव्यक्ति हैं.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sunil Choudhary

सुनील चौधरी प्रभात खबर में विशेष संवाददाता हैं. पिछले 26 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय सुनील चौधरी करीब 25 वर्षों से प्रभात खबर से जुड़े हैं. इससे पहले वे ईटीवी में भी काम कर चुके हैं. खोजी पत्रकारिता, राजनीतिक खबरों, तथ्यपरक विश्लेषण और जमीनी सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाना उनकी पत्रकारिता की पहचान है.

नेशनल गेम के टेंडर में गड़बड़ी, ग्रामीण विद्युतीकरण टेंडर घोटाला, बालू घोटाला और करीब 4,000 करोड़ रुपये के एमएसडी घोटाले जैसे महत्वपूर्ण मामलों को उन्होंने प्रमुखता से उठाया, जिनका व्यापक सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव रहा. मुख्यमंत्री बीट के साथ ऊर्जा, खनन, औद्योगिक विकास, सरकारी योजनाओं, राजनीति और सार्वजनिक नीति से जुड़े विषयों पर वे लगातार खबरें लिखते रहे हैं.

दस्तावेजों और तथ्यों की गहन पड़ताल के साथ जटिल विषयों को सरल और स्पष्ट तरीके से पाठकों तक पहुंचाना उनकी रिपोर्टिंग की खासियत है. राजनीति, एआइ और टेक्नोलॉजी, पावर सेक्टर, उद्योग-खनन और हार्ड न्यूज उनके पसंदीदा विषय हैं. बदलती तकनीक और अर्थव्यवस्था के बीच नीतिगत फैसलों और उनके जमीनी प्रभावों को समझना और सामने लाना उनकी पत्रकारिता का अहम हिस्सा रहा है.

सुनील चौधरी को बीबीसी, पैनोस इंटरनेशनल और झारखंड सरकार की फेलोशिप मिल चुकी है. विभिन्न महत्वपूर्ण और खोजी खबरों के लिए उन्हें कई संस्थानों द्वारा कई बार सम्मानित और पुरस्कृत किया गया है.

ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >