रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रकृति महापर्व करम पर्व के अवसर पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि प्रकृति और मानव जीवन के गहरे जुड़ाव, भाई-बहन के अटूट प्रेम और परंपरा का प्रतीक करम पर्व झारखंड की पहचान और जीवन-पद्धति से जुड़ा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि करम पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और उसके संरक्षण की प्रेरणा देता है. जल, जंगल और जमीन केवल जीवन के आधार नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और आने वाली पीढ़ियों की धरोहर भी हैं.
उन्होंने कहा कि करम पर्व भाई-बहन के पवित्र स्नेह और आपसी विश्वास का भी पर्व है. अखड़ा में करम डाली की स्थापना, मांदर की थाप, करम गीत और सामूहिक नृत्य झारखंड की लोक-संस्कृति की अभिव्यक्ति हैं.
