प्रतिनिधि, मांडर.
रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने शुक्रवार को पुनगी गांव में बाल विवाह के विरुद्ध विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया. जिसमें एलएडीसी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने बाल विवाह के संबंध में कहा कि 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़कों का विवाह नहीं करना है. इससे शिक्षा बाधित होती है और घरेलू हिंसा और दुर्व्यवहार का खतरा बढ़ जाता है. कम उम्र में गर्भावस्था और प्रसव से मां और बच्चे दोनों को गंभीर स्वास्थ्य का भी जोखिम होता है. उन्होंने बाल विवाह के समाधान और रोकथाम को लेकर जागरूकता बढ़ाने, लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने, बाल विवाह के कानून का कड़ाई से पालन करने और बाल संरक्षण सेवाओं का लाभ उठाने की बात कही. बाल विवाह कानूनन अपराध है. कार्यक्रम में विधि के छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों को डायन-प्रथा, बाल श्रम, बाल अपराध तथा घरेलू हिंसा के संबंध में बताया. वहीं पीएलवी सुमन ठाकुर ने सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों के बीच बुकलेट का भी वितरण किया गया. मौके पर पीएलवी विनिता कुमारी, सोनी कुमारी, डॉ अनिल कुमार, आफताब अंसारी, शामी अंसारी, तालिब अंसारी, कलिंद्र गोप, राजा वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे.पुनगी गांव में बाल विवाह के विरुद्ध विधिक जागरूकता कार्यक्रम
मांडर 1, कार्यक्रम में मौजूद लोग.B
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