मुख्यमंत्री श्रमिक योजना को नहीं मिल रहा है रिस्पांस, राज्य में काम मांगने वालों की संख्या काफी कम

मुख्यमंत्री श्रमिक योजना को नहीं मिल रहा है रिस्पांस

रांची : राज्य सरकार द्वारा शहरों के कुशल, अकुशल श्रमिकों को रोजगार देने के लिए चलायी जा रही मुख्यमंत्री श्रमिक योजना को रिस्पांस नहीं मिल रहा है. योजना के तहत राज्य में काम मांगनेवालों की संख्या काफी कम है. दो अक्तूबर से शुरू की गयी इस योजना के तहत अब तक एक हजार लोगों ने भी काम की मांग नहीं की है.

राज्य के सभी 51 नगर निकायों में चल रही योजना में सिर्फ 500 के करीब लोगों को ही रोजगार दिया जा सका है. योजना को सही रिस्पांस नहीं मिलता देख नगर विकास विभाग ने काम नहीं हासिल करने वाले शहरी श्रमिकों की तलाश कर उनको काम देने का फैसला किया है. नगर विकास सचिव विनय कुमार चौबे ने शहरों के कुली बाजार में काम हासिल नहीं करने वाले श्रमिकों के पास जाकर उनको काम आवंटित करने का निर्देश दिया है.

निकायों के अधिकारियों को कुली बाजार में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने और श्रमिकों को काम मांगने के लिए प्रेरित करने का भी निर्देश दिया गया है.

आठ निकायों से किसी श्रमिक ने नहीं मांगा काम

योजना के तहत आठ नगर निकायों से एक भी व्यक्ति ने काम नहीं मांगा है. काम नहीं मांगने वाले निकायों में बचरा, बंशीधर, बड़की सरैया, चाईबासा, धनवार, गोमिया, गुमला व मिहिजाम नगर परिषद शामिल हैं. योजना के तहत सबसे अधिक धनबाद नगर निगम के 124 लोगों ने काम मांगा था. उनमें से 108 को कार्य आवंटित कर दिया गया है. वहीं, हजारीबाग से 85, सिमडेगा से 66 और रांची से 38 लोगों ने काम मांगा था.

15 दिनों में काम नहीं देने पर भत्ता देने का है प्रावधान

मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत शहरों में अकुशल श्रमिकों को हर वर्ष 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गयी है. काम मांगने वालों को 15 दिनों में रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. काम मांगनेवालों को कार्य आवंटित नहीं करने पर उनको बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान किया गया है. लंबे समय तक कार्य आवंटित नहीं होने पर बेरोजगारी भत्ता में हर महीने वृद्धि का भी नियम बनाया गया है.

मुख्यमंत्री श्रमिक योजना का अपेक्षित रिस्पांस नहीं मिलने का कारण ग्रामीण और शहरी मजदूरी दर एक ही होना है. लोगों में योजना के प्रति जागरूकता की भी कमी है. निकायों को कुली बाजार जाकर लोगों को जागरूक करने और लोगों को काम करने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है. जिन श्रमिकों को काम नहीं मिला हो, उनको भी काम आवंटित करने को कहा गया है.

विनय कुमार चौबे, सचिव, नगर विकास विभाग

posted by : sameer oraon

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >