Chandra Grahan 2022: Chandra Grahan 2022: झारखंड में चंद्र ग्रहण खत्म, अब खुलेंगे मंदिर के कपाट

इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण मंगलवार को हुआ. इस दौरान राजधानी रांची में नौ मिनट और हजारीबाग में 10 मिनट तक चंद्र ग्रहण दिखा. इससे पूर्व सूतक लगने के कारण मंदिरों के कपाट बंद रहे, लेकिन अब कपाट खुलने के साथ मंदिरों में पूजा अर्चना शुरू हो गयी.

Chandra Grahan 2022: मंगलवार (8 नवंबर, 2022) को कार्तिक पूर्णिमा और साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का अनूठा संयोग बना है. झारखंड में चंद्रग्रहण मंगलवार की दोपहर 03:38 बजे से शुरू हुआ जो शाम 06:19 बजे तक चला. झारखंड के लोगों को चंद्र ग्रहण सूर्यास्त के बाद यानी चंद्रोदय में ही दिखा. खगोलिय विद्या के अनुसार, चंद्रग्रहण पूर्णिमा को घटित होता है.

रांची में दिखा पूर्ण चंद्र ग्रहण   

रांची में शाम 05:03 बजे चंद्रोदय है. वहीं, देशभर में चंद्र ग्रहण 05:09 बजे शुरू हुआ, जिसका मोक्ष शाम 6:19 बजे रहा. रांची में पूर्ण चंद्र ग्रहण नौ मिनट तक नजर आया. वहीं, हजारीबाग में 05:02 चंद्रोदय का समय रहा. हजारीबाग में 10 मिनट तक चंद्रग्रहण दिखा.

आंशिक और पूर्ण चंद्र ग्रहण का समय

मंगलवार की दोपहर 02:39 से शाम 06:19 तक आंशिक चंद्र ग्रहण दिखा, वहीं इस बीच दोपहर 03:46 से शाम 05:12 तक पूर्ण चंद्र ग्रहण घटित हुआ. राज्यवासियों को चंद्रोदय के बाद ही ग्रहण दिखाई दिया.

Also Read: Chandra Grahan 2022: झारखंड के कई जिलों में दिखेगा चंद्र ग्रहण का असर, जानें समय और सूतक

चंद्र ग्रहण में सूतक काल को समझिए

पंचांग के अनुसार, चंद्र ग्रहण सूतक सुबह 10:20 बजे शुरू हुआ और शाम 06.20 बजे समाप्त हुआ. सूर्य ग्रहण के दौरान चार प्रहर के लिए सूतक मनाया जाता है और चंद्र ग्रहण के दौरान ग्रहण से पहले तीन प्रहर के लिए सूतक मनाया जाता है. सूर्योदय से सूर्योदय तक कुल आठ प्रहर होते हैं. इसलिए सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण से नौ घंटे पहले सूतक मनाया जाता है. वहीं, मारकंडेय पुराण के अनुसार सूतक काल छह घंटे पूर्व से माना गया है.

सूतक काल में मंदिरों के कपाट रहते हैं बंद

मिथिला पंचांग के हवाले से पुरोहित पंकज पंडित ने बताया कि चंद्र ग्रहण शाम 4.59 से आरंभ होकर 6.20 बजे तक रहा. चंद्र ग्रहण का सूतक मारकंडेय पुराण के अनुसार, दोपहर से शुरू हो गया है. सूतक को लेकर लोगों को भोजन-पानी ग्रहण करने की मनाही रहती है. वहीं, सूतक के कारण मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिया गया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >