डकरा. एनके एरिया के रोहिणी परियोजना का कोयला स्टाॅक में आग लग गयी है. इस आग को बुझाने का प्रयास जिस गंभीरता से होनी चाहिए, वैसी इच्छाशक्ति प्रबंधन की नहीं दिख रही है, जिसके कारण दिन-प्रतिदिन आग का दायरा बढ़ रहा है. एक तरफ जहां एनके एरिया के कोयला खदानों से अपेक्षाकृत कोयला नहीं निकल रहा है, वहीं दूसरी ओर कंपनी का हर साधन-संसाधन लगाकर निकाला गया करोड़ों रुपए का कोयला जिस तरह से जल रहा है, वह चिंता का विषय है. जानकारी अनुसार यहां एक लाख टन से अधिक कोयले का स्टाॅक है, जिसमें अलग-अलग कोनों से कई जगहों पर आग खतरनाक तरीके से धधक रही है. जानकार लोगों ने बताया कि साधारण तरीके से जो आग दिखाई दे रहा है असल स्थिति उससे भी भयावह है क्योंकि स्टाॅक के 15-20 फीट तक पहुंचना भी आसान नहीं है.नजदीक जाने पर मोबाइल काम करना बंद कर देता है, इससे आग की स्थिति को समझी जा सकती है.
21 करोड़ रुपए का कोयला है
रोहिणी खदान का कोयले का बेसिक प्राइस 2100 रुपये है और यहां एक लाख टन से अधिक कोयला है. एक लाख भी स्टाॅक मान लिया जाये तो इस हिसाब से 21 करोड़ रुपए मूल्य के कोयले में आग लगा हुआ है.हमलोग लगातार बात कर रहे हैं: ध्वजा
एनके एरिया खान सुरक्षा समिति सदस्य ध्वजाराम धोबी ने बताया कि हमलोग लगातार संबंधित अधिकारियों से इस बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन कभी पर्याप्त संसाधन की कमी तो कभी अन्य कारण बताये जा रहे हैं. उन्होनें कहा कि बहुत खर्च और मेहनत से कोयला निकला जाता है उसे सुरक्षित तरीके से भंडारण कर जितना जल्दी संभव हो वह डिस्पैच किया जाना चाहिए.
