शिबू सोरेन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर बाबूलाल मरांडी का बड़ा बयान, कह दी ये बात

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार लोकतंत्र के लिए खतरा है. वर्ष 2020 में सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने शिबू सोरेन पर सत्ता और पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध चल-अचल संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग लोकपाल से की थी.

दिल्ली हाईकोर्ट में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की याचिका खारिज होते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सोरेन परिवार पर हमलावर हो गई है. झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मंगलवार (23 जनवरी) को सोरेन परिवार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे शिबू सोरेन परिवार की जगह होटवार जेल में है. इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री आवास में हेमंत सोरेन से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के वहां पहुंचने के बाद की गई कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सीआरपीएफ के अधिकारी और जवान अपनी ड्यूटी कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कुछ भ्रष्ट अधिकारी माहौल को अशांत करना चाहते थे. कहा कि धारा 144 के मामले में सबसे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए.

2020 में निशिकांत दुबे ने की थी लोकपाल में शिकायत

बाबूलाल मरांडी ने भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें कोर्ट ने राज्यसभा सांसद और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सुप्रीमो शिबू सोरेन की चल-अचल संपत्ति की सीबीआई जांच में हस्तक्षेप करने से इंकार किया गया है. उन्होंने कहा कि लोकपाल का गठन ही भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए हुआ है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार लोकतंत्र के लिए खतरा है. वर्ष 2020 में सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने शिबू सोरेन पर सत्ता और पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध चल-अचल संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया था. उन्होंने इसकी जांच के लिए लोकपाल में आवेदन दिया था.

गड़बड़ी नहीं की तो एजेंसियों से क्यों भागते हैं : बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का भ्रष्टाचार से पुराना नाता है. ये भ्रष्टाचार भी करते हैं और इसकी सजा से बचने के लिए तरह तरह के हथकंडे भी अपनाते हैं. उन्होंने कहा कि ये लोग भाजपा पर आरोप लगाते हैं, लेकिन जब इनके खिलाफ किसी मामले की जांच होती है, तो वे जांच से भागते फिरते हैं. उन्होंने पूछा कि शिबू सोरेन परिवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कहते हैं कि उन्होंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया. कोई गड़बड़ी नहीं की. अगर कोई गड़बड़ी नहीं की, तो जांच एजेंसियों से क्यों भागते हैं? क्यों जांच रोकने के लिए कभी हाईकोर्ट, तो कभी सुप्रीम कोर्ट दौड़ते हैं?

Also Read: बाबूलाल मरांडी का बड़ा बयान- CRPF को डराने का हो रहा है प्रयास, पड़ेगा भारी
सोरेन परिवार के सभी भ्रष्टाचार उजागर होंगे

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि शिबू सोरेन परिवार का कहना है कि लोकपाल का मामला पुराना है. उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई चोर पांच या 10 साल बाद पकड़ा जाए, तो उसके सारे गुनाह माफ हो जाएंगे? उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होगा? उसकी जांच नहीं होगी? उन्होंने कहा कि यह मामला लोकपाल का है. सीबीआई जांच होगी. मामला शेल कंपनी के माध्यम से पैसे बनाने का हो या अमित अग्रवाल के साथ सोरेन परिवार के व्यावसायिक संबंधों का, सभी मामले उजागर होंगे. भाजपा नेता ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला भले थोड़ी देर से आया है, लेकिन अच्छा फैसला है.

अब कोई भ्रष्टाचार को छुपाने का दुस्साहस नहीं करेगा : मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह एक नजीर बनेगा. आने वाले दिनों में कोई भी भ्रष्टाचार को छुपाने का दुस्साहस नहीं कर पाएगा. उन्होंने कहा कि ये लोग नई परंपरा की शुरुआत करना चाहते हैं. अपनी ओर से मुकदमे को लटकाने और भटकाने की कोशिश करते हैं. लेकिन भारत की न्याय व्यवस्था में गलत करने वालों को नतीजा तो भुगतना ही पड़ेगा.

Also Read: शिबू और हेमंत सोरेन पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी पर एक और केस दर्ज
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर दर्ज हो मुकदमा

मुख्यमंत्री आवास में हेमंत सोरेन से हुई ईडी की पूछताछ के दौरान सीएम आवास के 500 मीटर के दायरे में धारा 144 के उल्लंघन मामले में सीआरपीएफ अधिकारी पर हुए मुकदमे पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में सबसे बड़े दोषी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं. उन्होंने धारा 144 के बीच गाड़ी पर खड़े होकर भीड़ को संबोधित किया. सबसे पहले तो उन्हीं पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए. सीआरपीएफ अधिकारी तो अपनी ड्यूटी कर रहे थे. मरांडी ने कहा कि जिस प्रकार सीएम से पूछताछ के दौरान तीर-धनुष व अन्य पारंपरिक हथियार के साथ झामुमो समर्थक मुख्यमंत्री आवास के बाहर खड़े थे, उससे ईडी अधिकारियों की सुरक्षा सचमुच खतरा लग रहा था. बाबूलाल मरांडी ने पूछा कि पूछताछ के दिन आखिर क्यों इतने लोगों को सीएम आवास के बाहर बुलाया गया. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ अधिकारियों को माहौल बिगाड़ने के लिए टूल बनाया गया.

भ्रष्टाचारी-लुटेरे सत्ता पर काबिज होते रहे, तो लोकतंत्र से उठ जाएगा भरोसा

झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अगर भ्रष्टाचारी-लुटेरे सत्ता पर काबिज होते रहे, तो लोकतंत्र से जनता का भरोसा ही उठ जाएगा. उन्होंने कहा कि जिन्होंने जनता की गाढ़ी कमाई लूटी है, उन्हें हर हाल में सजा मिलनी चाहिए. बाबूलाल ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा का संघर्ष जारी रहेगा. जब तक भ्रष्टाचारियों को सजा नहीं मिल जाती, पार्टी चैन से नहीं बैठेगी. एक दिन भ्रष्टाचारियों को होटवार जाना ही पड़ेगा. प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक, प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव भी उपस्थित थे.

Also Read: झारखंड: लालू यादव की राह पर सीएम हेमंत सोरेन, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात के बाद बोले बाबूलाल मरांडी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >