Ansh Anshika Case: बाबुलाल मरांडी ने लगाई झारखंड पुलिस को लताड़, CM हेमंत को भी दे डाली बड़ी सलाह

Ansh Anshika Case: रांची के धुर्वा से गायब अंश और अंशिका को 13 दिनों बाद बरामद कर लिया गया है. झारखंड पुलिस की खूब तारीफ हो रही है, लेकिन भाजपा नेता बाबुलाल मरांडी ने पुलिस पर झूठी तारीफ लूटने का आरोप लगाते हुए बच्चों को खोजने में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की भूमिका के बारे में बताया है.

Ansh-Anshika को खोजने में मदद करने वाले दो युवा बच्चों के साथ.

Ansh Anshika Case: राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र अंतर्गत मल्लार टोली मौसीबाड़ी से लापता 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका को 13वें दिन रजरप्पा पुलिस ने चितरपुर के पहाड़ी इलाके से सकुशल बरामद कर लिया. दोनों बच्चों को रांची लाकर उनके माता-पिता को सौंप दिया गया. झारखंड पुलिस ने भले ही दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया हो, लेकिन इसमें कुछ स्थानीय लोगों का बड़ा योगदान रहा है. अब पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबुलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने झारखंड पुलिस के कार्य पर बड़ा सवाल उठाया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से एक बड़ी मांग भी कर दी है. बाबुलाल ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि बच्चे बरामद हुए, इसमें दो राय नहीं कि पुलिस ने काफी मेहनत की. दिन-रात एक कर दिया. इसी का परिणाम है कि यह बात गांव-गांव तक फैल गई और लोग इन बच्चों को ढूंढने में लग गये. अंततः बजरंग दल के युवाओं ने ही इन बच्चों को सकुशल ढूंढ निकाला.

अपनी पीठ खुद थपथरा रही झारखंड पुलिस : बाबुलाल

बाबुलाल मरांडी ने कहा, ‘रामगढ़ के चितरपुर से बजरंग दल के कार्यकर्ता सचिन प्रजापति, डबलु साहु, सन्नी और उनके साथियों ने जिस दिलेरी से बच्चों को बरामद किया, वह काबिल-ए-तारीफ है. तस्वीरें आपके सामने हैं, मैंने पहले भी पोस्ट किया था. इन तस्वीरों को देखकर कोई भी हकीकत और बयानबाजी के बीच के फासले को आसानी से समझ सकता है कि सच क्या है और कुछ पुलिस वाले इसे किस तरीके से परोस कर पूरी वाहवाही हड़पने का घटिया प्रयास कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस देखकर चंद सवाल उभरते हैं. पुलिस ने अपनी पीठ तो थपथपा ली, लेकिन बरामद करने वाले बजरंग दल के इन युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए चंद शब्द तक नहीं कहे.’ Ansh Anshika Case Babulal Marandi slammed Jharkhand Police gave advice to CM Hemant Soren

पुलिस को नहीं लेना चाहिए पूरा श्रेय : बाबुलाल

बाबुलाल ने आगे लिखा, ‘अब श्रेय लेने की होड़ मचेगी और मनचाहे लोगों को चुन-चुन कर पुरस्कार बांटे जाएंगे. हम चाहेंगे कि पुलिस अपनी गलती सुधारे और इन युवाओं को बुलाकर सम्मानित करे, ताकि आगे भी लोग मदद के लिए आगे आएं. दूसरों की पहचान और मेहनत को खा जाना एक ‘दलाल संस्कृति’ है और इससे बचा जाना चाहिए. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी ने भी जो प्रशासन की प्रशंसा के पुल बांधे हैं, ऐसा लगता है कि उन्हें भी अधिकारियों ने सही जानकारी नहीं दी है. उन्हें भी धरातल की सच्चाई पता कर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में संशोधन करना चाहिए और असली नायकों को सम्मान देना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है, तो मान लिया जाएगा कि यह व्यवस्था संवेदनहीन थी, है और रहेगी. पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा इन बातों का ख्याल न रखा जाना निंदनीय और शर्मनाक है.’

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का अहम योगदान : भाजपा

इससे पहले एक पोस्ट में बाबुलाल मरांडी ने कहा, ‘ झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा क्षेत्र से 2 जनवरी से लापता दो मासूम बच्चे, अंश कुमार राय और अंशिका कुमारी की सकुशल बरामदगी राहत की खबर है. बच्चों की खोजबीन को लेकर बजरंग दल द्वारा व्यापक स्तर पर अभियान चलाया गया. बजरंग दल रामगढ़ जिला के नेतृत्व में जिले के सभी प्रखंडों में कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई. जहां-जहां गुलगुलिया एवं मांगकर खाने वाले लोग रहते थे, उन संभावित स्थानों पर जाकर लगातार खोज की गई. इस अभियान में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने समर्पण और जिम्मेदारी का परिचय दिया.

इस पूरे मामले में बजरंग दल चितरपुर समिति के संयोजक सचिन प्रजापति, डब्लु साहु और सन्नी सहित अन्य कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही. साथ ही, कल भाजपा द्वारा किए गए घेराव व प्रदर्शन से भी प्रशासन पर दबाव बना. पुलिस की तत्परता और सहयोग से ही यह सफलता संभव हो पाई. बच्चों के सकुशल मिलने पर बजरंग दल, पुलिस प्रशासन और अभियान से जुड़े सभी लोगों का हृदय से आभार.

ये भी पढ़ें…

Ansh Anshika Case: मकर संक्रांति के दिन मां की गोद में अंश-अंशिका, सूर्य देव, हनुमान जी आस्था का भी कमाल देखिए

Video: रांची से लापता अंश-अंशिका रामगढ़ के चितरपुर से सकुशल बरामद, दो लोगों की हुई गिरफ्तारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >