सिल्ली. सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों में सभी तरह की सुविधाएं दी गयी है, लेकिन सिल्ली में कई केंद्र की स्थिति आज भी जर्जर है. प्रखंड के लोटा पूर्वी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का अपना भवन नहीं होने के कारण केंद्र लोटा हेरलाबेड़ा के एक जर्जर सामुदायिक भवन में संचालित किया जा रहा है, जबकि भवन को सरकारी तौर पर जर्जर घोषित किया जा चुका है. छतों पर दरारें पड़ गयी है, खिड़की-दरवाजे टूट चुके हैं. ऐसे में जान जोखिम में डाल बच्चों की पढ़ाई हो रही है. आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका भी जान जोखिम डाल बच्चों को शिक्षित करने में लगी हैं. सेविका निशु देवी के अनुसार जर्जर भवन के कारण सभी सामान रोजाना ले जाना पड़ता है और दूसरे दिन लाना पड़ता है. केंद्र में 15 बच्चे पढ़ाई करते हैं. उन्होंने बताया कि की कई बार विभाग के पदाधिकारी को इसकी जानकारी दी गयी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया.
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