इंजीनियरिंग कॉलेजों के नामांकन दर में आयी गिरावट, नये कॉलेज खोलने पर रोक, जारी हुआ ये दिशा निर्देश

एआइसीटीइ ने दो साल के लिए नये बीटेक कॉलेज खोलने पर रोक लगा दी. एआइसीटीइ ने पाया कि पिछले पांच वर्षों में इंजीनियरिंग कॉलेजों में नामंकन दर में गिरावट आयी है. साथ ही साथ जो संस्थान चालू हैं, उन्हें 40 बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

रांची: एआइसीटीइ ने अगले दो वर्ष के लिए नया इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने पर रोक लगा दी है. एआइसीटीइ के सदस्य प्रो राजीव कुमार ने कहा है कि इंजीनियरिंग के साथ-साथ डिप्लोमा, स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर सिर्फ शैक्षणिक सत्र 2022-23 से कुछ विशेष परिस्थिति को छोड़कर नया इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने पर लगी रोक अगले दो वर्ष (वर्ष 2024) के लिए बढ़ा दी गयी है.

प्रो कुमार ने कहा है कि एआइसीटीइ ने पाया है कि पिछले पांच वर्षों में इंजीनियरिंग कॉलेजों में नामंकन दर में गिरावट आयी है. एआइसीटीइ के पास 2021 में देश भर में 63 संस्थानों के बंद होने के आवेदन स्वीकार किये गये हैं, जबकि 32 संस्थानों ने अनुमोदन वापस लेने को लेकर आवेदन दिया है.

प्रो कुमार ने कहा है कि देशभर के 500 संस्थानों ने अनुमोदन जारी रखने के लिए आवेदन नहीं किया है. इस स्थिति में एआइसीटीइ ने नये संस्थान खोलने पर फिलहाल रोक लगा दी है. वहीं जो संस्थान चालू हैं, उन्हें 40 बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

इनको किया अनिवार्य :

सभी संस्थानों में ऑनलाइन ग्रीवांस रिडर्सल मैकेनिज्म की स्थापना, एंटी रैगिंग कमेटी का गठन, ग्रीवांस रिडर्सल कमेटी का गठन, इंटरनल कंप्लेंट कमेटी का गठन, एससी/एसटी कमेटी का गठन, इंटरनल क्वालिटी एश्यूरेंस सेल की स्थापना, नि:शक्तों के लिए संस्थान में आवश्यक सुविधाएं, फायर एंड सेफ्टी सर्टिफिकेट, विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप पॉलिसी सहित अन्य जानकारी डिसप्ले करना शामिल हैं.

Posted By: Sameer Oraon

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By Prabhat Khabar News Desk

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