रांची/चाईबासा : निगरानी ब्यूरो की टीम में शुक्रवार को चाईबासा मुफस्सिल थाने के दारोगा राधा कृष्ण प्रसाद को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है.
दारोगा ने रिश्वत की राशि थाना क्षेत्र के बानबीज निवासी प्रधान हेंब्रम से दुर्घटना में जब्त गाड़ी को रिलीज करने के लिए कोर्ट में रिपोर्ट भेजने के एवज में ली थी. दारोगा की गिरफ्तारी थाने से हुई. शुक्रवार को निगरानी आइजी मुरारी लाल मीणा ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रधान हेंब्रम की बोलेरो पिकअप वैन गाड़ी 17 जून को दुर्घटनाग्रस्त हो गयी थी.
न्यायालय ने वाहन के संबंध में रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया था. रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट में भेजने के एवज में दारोगा ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी. प्रधान हेंब्रम रिश्वत नहीं देना चाहते थे. बाद में हेंब्रम ने इसकी शिकायत चाईबासा निगरानी से की.
निगरानी आइजी के निर्देश पर मामले का सत्यापन किया गया. उसके बाद कार्रवाई की गयी. शुक्रवार को दिन के करीब 11 बजे प्रधान हेंब्रम दारोगा को रिश्वत के रुपये देने थाना पहुंचा. इसी दौरान निगरानी की टीम ने दारोगा को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.
गाड़ी छोड़ने के लिए बाध्य है पुलिस: मीणा
आइजी मुरारी लाल मीणा ने बताया कि यदि गाड़ी छोड़ने का आदेश कोर्ट से पुलिस को मिलता है, तब पुलिस न्यायालय का आदेश मानने को बाध्य है. इस तरह के काम के लिए रिश्वत लेना एक सामाजिक गुनाह है. आम लोगों भी जागरूक होने की आवश्यकता है, ताकि दुबारा कोई पुलिस अधिकारी इस तरह के काम के लिए किसी आम आदमी से रिश्वत मांगने की हिम्मत नहीं कर सकें.
